खरगोन फायरिंग और 10 करोड़ की फिरौती के मामले में लॉरेंस गैंग का कनेक्शन उजागर, नागदा से राजपाल हिरासत में

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खरगोन फायरिंग और 10 करोड़ की फिरौती के मामले में लॉरेंस गैंग का कनेक्शन उजागर, नागदा से राजपाल हिरासत में

खरगोन :मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में बायो-कॉटन व्यापारी के घर फायरिंग और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुरुवार को नागदा क्षेत्र से लॉरेंस गैंग से जुड़े आरोपी राजपाल को हिरासत में लिया है। हालांकि, पीड़ित व्यापारी पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और उसने मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है। इस संबंध में उसने बुधवार को विधानसभा के स्पीकर से भी मुलाकात की।

खरगोन के पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि खरगोन पुलिस की टीमें पिछले कई दिनों से उज्जैन के नागदा और गुजरात के विभिन्न स्थानों पर डेरा डाले हुए थीं। राजपाल सिंह चंद्रावत के करीबी लोगों से लगातार पूछताछ और दबाव बनाने के बाद उसने गुरुवार को सरेंडर कर दिया। फिलहाल वह स्थानीय पुलिस की मदद से हिरासत में है। एसपी ने स्पष्ट किया कि राजपाल का संबंध कुख्यात लॉरेंस गैंग से है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें उज्जैन का अमित बड़गोलिया (रेकी करने वाला), लोकेंद्र पवार (उज्जैन) और सचिन पाटीदार (करौली, धार) शामिल हैं। इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसके अलावा करीब 10 अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और उनकी जल्द गिरफ्तारी की संभावना है। एसपी के अनुसार, देवास के तीन आरोपियों ने व्यापारी के घर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था, वे भी हिरासत में लिये गये 10 संदिग्धों में शामिल है।

 

यह पूरा मामला 16 मार्च का है, जब कसरावद थाना क्षेत्र के भील गांव निवासी व्यापारी दिलीप सिंह राठौर के घर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की थी। इसके बाद आरोपियों ने फायरिंग के वीडियो भेजकर 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। आरोपियों ने लॉरेंस बिश्नोई की डीपी लगी सोशल मीडिया पोस्ट भी डालकर व्यापारी को धमकाया था।

इधर, पीड़ित व्यापारी दिलीप सिंह राठौर ने आरोप लगाया है कि पुलिस अब तक इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। राठौर का दावा है कि मुख्य आरोपी एक स्थानीय राजनीतिक व्यक्ति है, जो उससे पुरानी रंजिश रखता है और उससे उधार लिए पैसे वापस नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति गिरफ्तार आरोपियों सचिन और लोकेंद्र के माध्यम से सीधे राजपाल से जुड़ा हुआ है।

राठौर ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने व्यापार से जुड़ी कुछ भ्रामक जानकारियां उस कथित साजिशकर्ता को दी थीं, जो बाद में आरोपियों तक पहुंच गईं। इसका प्रमाण उन्हें मिले मैसेज और ऑडियो नोट्स से मिलता है, जो दोनों के बीच स्पष्ट संबंध को दर्शाते हैं।

व्यापारी ने बताया कि वह इस मामले में कई बार पुलिस अधीक्षक को मौखिक और लिखित रूप से जानकारी दे चुके हैं। इसके अलावा, बुधवार को उन्होंने जिले के दौरे पर आए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जानकारी दी और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की।

राठौर ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति किसानों के पालीहाउस से जुड़े 40 करोड़ रुपये के घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और खरगोन पुलिस की जांच के दायरे में है, बावजूद इसके वह अब तक गिरफ्त से बाहर है

झारखंड, बिहार और लखनऊ में बायो-कॉटन खेती से जुड़े प्रशिक्षण, मार्केटिंग और किसानों के दस्तावेजी कार्य करने वाले राठौर ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्य आरोपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो वह अपने परिवार के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे और हाई कोर्ट का रुख करेंगे।

वहीं, एसपी रवींद्र वर्मा ने कहा कि व्यापारी द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी गई है।

उधर नागदा पुलिस को सरेंडर करने के पूर्व राजपाल सिंह चंद्रावत ने पत्रकार वार्ता में कहा कि पुलिस के दबाव के चलते वह सरेंडर कर रहा है। उसने स्पष्ट किया कि दिलीप सिंह राठौड़ के घर उसके ही लोगों ने फायरिंग की है। उन्होंने कहा दिलीप सिंह राठौड़ किसानों को परेशान करता है और नाबालिग लड़कियों के साथ पैसे के बल पर गलत काम करता है। उसने चेतावनी दी कि गलत करने वालों के साथ ऐसा ही सलूक किया जायेगा।

उसने कहा कि पहले दिलीप राठौड़ को खुद के गुर्गों से धमकाने की कोशिश की थी लेकिन फेल रहने पर उसने लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप से जुड़े बड़े भाई हैरी बॉक्सर से यह काम करवाया।