नए साल का यही संकल्प हो दूषित जल नहीं लेगा किसी की जान…

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नए साल का यही संकल्प हो दूषित जल नहीं लेगा किसी की जान…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

पुराना साल बीत गया और नए साल ने दस्तक दे दी है। इस बीच अगर मध्य प्रदेश का मन भारी है तो इंदौर के भागीरथपुरा में हुई उस घटना से, जिसमें दूषित जल ने 14 लोगों की जान ले ली है और 1400 लोग इंफेक्टेड बताए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश का मन इसलिए भी ज्यादा भारी है क्योंकि जिम्मेदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय महापौर से लेकर विभागीय मंत्री तक की जिम्मेदारी का पूरा अनुभव रखते हैं। इसके बावजूद उनके ही क्षेत्र में हुई इस घटना ने यह संदेश दिया है कि वास्तव में

जमीनी स्तर पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

इंदौर में दूषित पानी से 11 दिन में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों और बीमारियों पर अब सरकारी रिपोर्ट की मुहर भी लग गई है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा- महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब में जांचे गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट आज स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है। इसमें साफ तौर पर पुष्टि हुई है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई। हसानी ने कहा- पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी दूषित हुआ है। यह किस जगह और किस लेवल का है, इसके बारे में संबंधित अधिकारी ही बता पाएंगे।

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि भागीरथपुरा के पेयजल में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े हैं। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि चौकी के पास जो लीकेज वाली जगह है, वहीं इसकी सबसे प्रमुख आशंका है। वहीं, सांसद शंकर लालवानी ने बताया- क्षेत्र से लिए गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट में जानलेवा बैक्टीरिया मिले हैं। बता दें कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। वहीं, करीब 1400 लोग इन्फेक्शन के शिकार हुए हैं। भागीरथपुरा में चौकी के पास बने शौचालय के नीचे से गुजरी पाइपलाइन में लीकेज मिला है। इसकी मरम्मत की जा रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। वीडियो में एक महिला कहती दिख रही है- पिछले दो साल से गंदा पानी आ रहा है। भाजपा पार्षद को बार-बार बताया गया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

जीतू ने एक्स पर लिखा- पूरा मोहल्ला बीमार है, लेकिन सत्ता के अहंकार में चूर मंत्री जी ने गाड़ी आगे बढ़ा ली और बहन की बात तक नहीं सुनी।

दरअसल बस्ती में जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गली में पहुंचे तो महिलाएं एकत्र हो गई और शिकायतें करने लगी। कहा कि दो साल से गंदा पानी आ रहा है। हमने कई बार शिकायतें की। पहले हमारी सुन ली जाती तो इतने लोग नहीं मरते। एक बुर्जुग व्यक्ति भी जोर-जोर से चिल्लाने लगा। क्षेत्रीय विधायक व नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे और उन्हें सरकारी राहत के चेक बांटे। वे पार्षद कमल वाघेला के साथ स्कूटर पर सवार होकर निकले। वे यादव परिवार के यहां रुके, लेकिन परिजनों ने चेक लेने से इनकार कर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय प्रमुख सचिव संजय दुबे को जांच के आदेश दिए हैं। वास्तव में आंग्ल नववर्ष के पहले हुई इस घटना ने पूरे मध्यप्रदेश का मन खट्टा कर दिया। खासतौर से जब देश को विकसित बनाने की कवायद के दावे की बात सुनकर पूरा मध्य प्रदेश फील गुड करने को था तब इंदौर की घटना ने सबका दिल तोड़कर रख दिया है। इसके गुनहगारों की जिम्मेदारी तय होना चाहिए और नए साल का यही संकल्प होना चाहिए कि अब दूषित जल अब मध्यप्रदेश में किसी की जान नहीं ले पाएगा…यही इंदौर के भागीरथपुरा के मृतकों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी…

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।