
Letter to DRM : रेलवे स्टेशनों पर होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु कठोर नियम लागू करें!
Ratlam : रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ और जल्दबाजी की वजह से कई बार यात्रियों के साथ अनहोनी हो जाती हैं। रेल प्रशासन को इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे। जिससे किसी भी यात्री की जान, माल का नुक्सान नहीं होगा हाल ही में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 पर हुई दुर्घटना में एक युवक को मौत के मुंह में जाना पड़ा। यह बात भाजपा की पूर्व पार्षद, महिला नेत्री एवं टाक महासभा की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष श्रीमती सीमा टाक ने DRM अश्विन कुमार को लिखे पत्र में कहीं। उन्होंने पत्र में लिखा कि GRP अपने स्तर पर कार्य करते हुए सतत् निगरानी रखे हुए हैं। उसके बाद भी हादसे होने से कई लोगों की जान जा रहीं हैं और परिवार के चिराग बुझ जा रहें हैं। इस तरह की घटनाएं अक्सर केवल पूर्व में चेतावनी के अभाव में घटित हो रही हैं।
सीमा टाक ने डीआरएम को यह सुझाव दिए।
(1) ट्रेन के प्रस्थान से कम से कम 1 मिनट पूर्व प्रत्येक डिब्बे/प्लेटफॉर्म पर तेज अलार्म या प्रेशर हॉर्न बजाने की व्यवस्था की जाए।
(2) प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट एवं बार-बार ऑटोमैटिक घोषणाएं कर यात्रियों को सचेत किया जाए।
(3) चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने पर सख्त प्रतिबंध एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
(4) प्लेटफॉर्म पर पीली सुरक्षा रेखा के पीछे खड़े रहने के नियम का कड़ाई से पालन कराया जाए।
(5) भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए।
(6) मेरा विश्वास है कि इन सरल एवं व्यवहारिक उपायों से अनेक अमूल्य जीवनों की रक्षा की जा सकती है।
सीमा टाक ने पत्र में अंत में लिखा की मुझे आशा है कि आप इस विषय की गंभीरता को समझते हुए आवश्यक कदम उठाएंगे नतीजतन बेवजह यात्रियों को जान से हाथ नहीं धोना पड़ेंगे और वह सेफ रहेंगे!





