
जीवनरक्षक सर्वोत्तम संदेश : एक फोन कॉल, एक सीढ़ी, एक चूक – मृत्यु का द्वार!
डॉ. तेज प्रकाश पूर्णानन्द व्यास
श्री शशि थरूर जी का वीडियो: एक चेतावनी, एक सबक!
प्रिय मित्रों, यह श्री शशि थरूर जी का वह वीडियो मात्र असावधानी का प्रतीक नहीं, अपितु मस्तिष्क की गहन वैज्ञानिक रहस्यमयिता का जीवंत प्रमाण है। फोन पर बातें करते हुए सीढ़ियों से उतरते समय उनका ठोकर खाना – यह घटना हमें सजग करती है कि मानव मस्तिष्क बहुकार्य (मल्टीटास्किंग) में कितना दुर्बल है। सौभाग्य से, वे पूर्णतः स्वस्थ हैं , किंतु यह प्रसंग हमें चेतावनी देता है: एक क्षण की चूक हड्डी भंग से लेकर प्राणघातक परिणाम तक ले जा सकती है।
चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से विस्तारपूर्वक समझें, यह जीवनरक्षक ज्ञान है!
सीढ़ियों पर जोखिम: मस्तिष्क की जटिल चुनौती:
सीढ़ियों से उतरते समय मस्तिष्क अनेक कार्यों में व्यस्त होता है। न्यूरोलॉजी के अनुसार:
संतुलन (Balance): आंतरिक कान का वेस्तिबुलर सिस्टम (vestibular system) और सेरिबेलम (cerebellum) निरंतर संतुलन बनाए रखते हैं।
नीचे उतरते हुए गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ जाता है, जो फॉल के जोखिम को 40% तक बढ़ा देता है (CDC डेटा अनुसार)।
गहराई अनुमान (Depth Perception): दृश्य प्रांतस्था (visual cortex) प्रत्येक सीढ़ी की गहराई मापती है। प्रकाश की कमी या फोन की चमक से यह भ्रमित हो जाती है।
पादस्थान (Foot Placement):
मोटर कॉर्टेक्स पैरों की सटीक स्थिति नियंत्रित करता है। प्रति सेकंड 100 मिलीसेकंड में सुधार आवश्यक!
त्वरित संशोधन (Split-second Corrections): प्रोप्रियोसेप्टर्स (proprioceptors) मांसपेशियों से संकेत भेजते हैं। फोन कॉल जोड़ने पर ध्यान विचलित होता है, प्रतिक्रिया समय 200-500 मिलीसेकंड धीमा पड़ जाता है (Journal of Neurophysiology अध्ययन)।
फोन कॉल जोड़ें तो? डुअल टास्क इंटरफेरेंस!
मस्तिष्क का प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (prefrontal cortex) कार्य विभाजित करने में असमर्थ। फॉनोमेनन ‘इनटेंटिव ब्लाइंडनेस’ (inattentional blindness) सक्रिय! परिणाम?
एक चूक – और दुर्घटना!चिकित्सा विज्ञान: हानि की भयावहता – हड्डी भंग से मृत्यु तक!
न्यूरोएंडोक्राइनोलॉजी एवं आघात चिकित्सा (Traumatology) के रूप में :
सीढ़ी से गिरना साधारण लगे, किंतु घातक!हड्डी भंग (Bone Fractures): 60% मामलों में कलाई, कूल्हा या रीढ़ भंग। ऑस्टियोपोरोसिस वाले 50+ आयु वर्ग में फीमर नेक फ्रैक्चर (femur neck fracture) – 20-30% मृत्यु दर (WHO रिपोर्ट)।
मस्तिष्क आघात (Traumatic Brain Injury – TBI):
सिर में धक्का – कॉन्कशन से खोपड़ी फटना।
30% फॉल TBI का कारण। सूजन (edema) से इंट्राक्रैनियल प्रेशर बढ़े तो कोमा!
(जानलेवा – घातक!)
अन्य हानियाँ:
रक्तस्राव (hemorrhage),
स्पाइनल कॉर्ड इंजरी (पराप्लेजिया),
हृदयाघात।
बुजुर्गों में 1 वर्ष में 25% मृत्यु (NEJM अध्ययन)।
क्या घातक है? हाँ, निश्चित!
भारत में प्रतिवर्ष 1.5 लाख फॉल से मृत्यु (NCRB डेटा)।
एक न्यूरोएंडक्रिनोलॉजिस्ट के रूप में:
40% मरीज साधारण गिरने से गंभीर TBI के शिकार!उदाहरण: 65 वर्षीय व्यक्ति का सीढ़ी फॉल – सबटेंडोरल हेमेटोमा।
48 घंटे में मृत्यु।
कारण? फोन पर बात!निषेध:
ये कार्य फोनरहित करें!
🚫 सीढ़ी चढ़ना/उतरना
🚫 सड़क पार करना
🚫 असमान सतह पर चलना
🚫 ड्राइविंग/सवारीमस्तिष्क गति पर ध्यान दे या फोन पर – दोनों एक साथ असंभव! (fMRI अध्ययन सिद्ध)।
सर्वोत्तम जीवनरक्षक सुरक्षा सूत्र (Safety Hack)
✅ कॉल विराम करें।
✅ सीढ़ियाँ दृष्टि से परखें।
✅ रेलिंग थामें।
✅ मस्तिष्क अमूल्य –
सूचना के लिए जोखिम न लें!
यह उपदेश जीवन का सर्वश्रेष्ठ रक्षक है। एक कॉल, एक सीढ़ी, एक चूक – प्राण संकट! सजग रहें, सुरक्षित रहें। जय हिंद! सर्वश्रेष्ठ शुभकामनाएँ!





