जिंदा पति सरकारी रिकार्ड में मृत, पत्नी परेशान, मानवाधिकार आयोग ने भिंड कलेक्टर से मांगा जबाव

ट्रेन में किन्नरों ने की युवक की हत्या,GRP एसपी और विदिशा एसपी से तीन सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

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जिंदा पति सरकारी रिकार्ड में मृत, पत्नी परेशान, मानवाधिकार आयोग ने भिंड कलेक्टर से मांगा जबाव

भोपाल: भिंड जिले के गोहद के वार्ड आठ नेहर मोहल्ला की एक महिला के पति को सरकारी रिकार्ड में मृत घोषित कर दिया। पति को जीवित साबित करने के लिए तीन साल से परेशान महिला के मामले में मानवाधिकार आयोग ने भिंड कलेक्ट संजीव श्रीवास्तव से मामले की जांच कर एक माह में कार्यवाही का प्रतिवेदन मांगा है। वहीं विदिशा जिले में ट्रेन में पैसे न देने वाले युवक को किन्नरों द्वारा मापीट कर उसकी हत्या किए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक GRP भोपाल और पुलिस अधीक्षक विदिशा से मामले की जांच कराकर तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है।

भिंड जिले के गोहद के वार्ड आठ नेहर मोहल्ला की एक महिला को अपनी पति को जीवित साबित करने के लिए पिछले तीन साल से दफ्तरों के चक्कर काट रही है। इस महिला के पति को सरकारी रिकार्ड में कर्मचारियों ने मृत घोषित कर दिया। इस कारण इस महिला को सरकारी योजना में मिलने वाली राशि से वंचित रहना पड़ रहा है। पीड़ित महिला को अपने पति को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना पड़ रहा है। लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

इस मामले में मानवाधिकार आयोग ने भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है। इस मामले में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि कि दो महिलाओं के नाम एक जैसे थे एक के पति का नाम बुद्धा और दूसरे के पति का नाम रामचरण था। कन्फ्यूजन हुआ था। बुद्धा की मौत हुई है। रामचरण अंकित हो गया। अब इस मामले में संशोधन करने के लिए सीएमओ को बोल दिया है। मानवाधिकार आयोग को भी रिपोर्ट भेज रहे है।

दूसरा मामला विदिशा जिलें के निवासी युवक के भोपाल से ट्रेन में सफर के दौरान भोपाल से ट्रेन मे चढ़े किन्नरों द्वारा पैसे मांगे जाने और इंकार किए जाने पर जबरन युवक के जेब में हाथ डालने और विरोध करने पर कोच में मौजूद दस किन्नरों द्वारा युवक की पिटाई करने और ट्रेन से नीचे फेके जाने से युवक की मौत से जुड़ा है। इस मामले में मानवाधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक रेल जीआरपी भोपाल और पुलिस अधीक्षक विदिशा से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।