Lokayukta Action:लोकायुक्त इंदौर ने हत्या प्रकरण में रिश्वत के मामले में कोर्ट में चालान पेश किया

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Lokayukta Action:लोकायुक्त इंदौर ने हत्या प्रकरण में रिश्वत के मामले में कोर्ट में चालान पेश किया

DHAR: लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने हत्या के एक विचाराधीन मामले में रिश्वत मांगने और लेने के गंभीर प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम धार में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया है। यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 50/2020 के तहत की गई है।

 

*▪️हत्या केस में मदद के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप*

▫️यह मामला जिला धार के सरदारपुर न्यायालय से जुड़ा है, जहां शिकायतकर्ता रालू डावर निवासी ग्राम भाटी खोदरा थाना अमक्षेरा जिला धार के विरुद्ध हत्या का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि इस मामले में मदद करने और बरी कराने का भरोसा दिलाकर रिश्वत की मांग की गई।

*▪️दो आरोपी लोकायुक्त के रडार पर*

▫️लोकायुक्त जांच में सामने आया कि इस मामले में अपर सत्र न्यायालय सरदारपुर में पदस्थ तत्कालिन शासकीय अभिभाषक दिग्विजय सिंह राठौड़ और न्यायालय सरदारपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक व कोर्ट मुहर्रिर जयसिंह डामोर शामिल थे। आरोप है कि शासकीय अभिभाषक द्वारा मामले में अनुकूल भूमिका निभाने के एवज में कुल 50000 रुपये की रिश्वत मांगी गई।

 

*▪️शिकायत के बाद सत्यापन और ट्रैप की कार्रवाई*

▫️रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का विधिवत सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई।

*▪️10000 रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा गया कोर्ट मुहर्रिर*

▫️जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मांगी गई रिश्वत की राशि में से 10000 रुपये शासकीय अभिभाषक के कहने पर जयसिंह डामोर को दिलवाए गए। लोकायुक्त टीम ने 03 मार्च 2020 को कार्रवाई करते हुए जयसिंह डामोर को 10000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके से रिश्वत की राशि बरामद की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

*▪️लंबी विवेचना के बाद कोर्ट में चालान*

▫️मामले की विस्तृत विवेचना पूर्ण होने के बाद लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में अभियोग पत्र तैयार किया। यह अभियोग पत्र 06 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम धार में प्रस्तुत किया गया।