मां अमका-झमका तीर्थ विकास समिति का गठन, नए सदस्यों को मिली जिम्मेदारी

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मां अमका-झमका तीर्थ विकास समिति का गठन, नए सदस्यों को मिली जिम्मेदारी

अमझेरा से गोपाल खंडेलवाल

अमझेरा (धार):.प्राचीन श्रीकृष्ण-रुक्मिणी हरण स्थल मां अमका-झमका तीर्थ के विकास की जिम्मेदारी संभाल रही 19 वर्ष पुरानी समिति एक बार फिर नए दौर में प्रवेश कर गई है। वर्ष 2007 में पंजीकृत इस समिति ने शुरुआती दौर में जहां जीर्णोद्धार जैसी बड़ी चुनौती का सामना किया, वहीं अब बदलते समय में तीर्थ को और विकसित करने की नई जिम्मेदारियां सामने हैं।

समिति के सचिव शुभम दीक्षित के अनुसार, मां अमका-झमका विकास समिति का गठन 2007 में हुआ था और शासन से विधिवत पंजीयन (क्रमांक 3/28/3/10316/07) प्राप्त कर लगातार कार्य किया जा रहा है। शुरुआती वर्षों में संसाधनों की कमी और व्यवस्थाओं के अभाव के बीच तीर्थ का जीर्णोद्धार सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन दानदाताओं और स्थानीय सहयोग से विकास की नींव मजबूत हुई।

इस कार्य में स्वर्गीय डॉ. कैलाश सोनी, स्वर्गीय व्यापारी मनोहर गुप्ता और समाजसेवी स्वर्गीय पुष्पेंद्र चौहान जैसे सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन्होंने ग्रामीणों को जोड़कर विकास कार्यों को गति दी, जिससे आज तीर्थ एक नए स्वरूप में नजर आता है। बैठक में नए पदाधिकारियों ने इन दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

इसी कड़ी में हाल ही में आयोजित बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से गिरिराज खंडेलवाल को अध्यक्ष, प्रशांत खंडेलवाल को उपाध्यक्ष, प्रवीण राठौर को कोषाध्यक्ष, शुभम दीक्षित को सचिव और राहुल परिहार को सह सचिव नियुक्त किया गया। वहीं सुरेश राठौर और राहुल शर्मा को सदस्य बनाया गया।

नई टीम ने पदभार ग्रहण करते ही मंदिर विकास की आगामी रूपरेखा पर चर्चा की और तीर्थ को और व्यवस्थित व आकर्षक बनाने के लिए ठोस योजनाएं बनाने का निर्णय लिया। उक्त जानकारी समिति के सह सचिव राहुल (इलू)परिहार द्वारा दी गई।