New Electricity Rates Released : मप्र विद्युत नियामक आयोग ने नई विद्युत दरें जारी की, 3.46% वृद्धि की मंजूरी! 

विद्युत कंपनियों के 7.52% की टैरिफ वृद्धि के प्रस्ताव किया, पर उसे नहीं माना गया!

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New Electricity Rates Released

New Electricity Rates Released : मप्र विद्युत नियामक आयोग ने नई विद्युत दरें जारी की, 3.46% वृद्धि की मंजूरी! 

 

Bhopal : मप्र विद्युत नियामक आयोग ने 29 मार्च को नई विद्युत दरें जारी की है। नई दरों के अनुसार विद्युत कंपनियों के 7.52% की टैरिफ वृद्धि के प्रस्ताव के विरूद्ध मात्र 3.46% वृद्धि की मंजूरी। सभी निम्न दाब उपभोक्ताओं एवं मौसमी उच्च दाब उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, न्यूनतम प्रभार समाप्त किए गए। उपभोक्ताओं को कोई मीटरिंग प्रभार भी नहीं देना होगा।

नई दरों के अनुसार किसानों को भी सरकार ने बड़ा फ़ायदा दिया। अब क्रमश: 3 हॉर्स पावर, 5 हॉर्स पावर और 10 हॉर्स पावर के कृषि उपभोक्ताओं को पूरे साल 30730 रू 54671 रु और 115655/- का देयक बनता है। जबकि, राज्‍य शासन द्वारा कृषि पंपों पर सब्सिडी की घोषणा की गई। जिसके अनुसार किसानों को 750 रु प्रति हॉर्स पावर प्रति वर्ष अर्थात उपरोक्‍त श्रेणी के उपभोक्ताओं को क्रमश: 2250 रु, 3750 रु और 7500 रु का ही भुगतान करना होगा।

नीरज मंडलोई अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) के अनुसार, सरकार द्वारा किसानों को विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दरों पर सब्सिडी स्‍वीकृत की गई है। इसके अनुसार उपभोक्ता द्वारा दी जाने वाली राशि (750 प्रति हॉर्स पावर) एवं आयोग द्वारा जारी दरों का अंतर सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उपरोक्त के अनुसार सब्सिडी देने पर शासन प्रत्येक 3 हॉर्स पावर पंप के लिए 28480 रु 5 हॉर्स पावर पम्प के लिए 50921 रु और 10 हॉर्स पावर पम्प के लिए 108155 रु का भुगतान सब्सिडी के रूप में वहन करेगी।

इस घोषणा से कृषि उपभोक्ताओं को नियामक आयोग द्वारा जारी दरों की मात्र लगभग 7% राशि‍ ही जमा करना होगी। जबकि, मप्र सरकार कृषि उपभोक्ताओं के बिलों का लगभग 93% राशि‍ सब्सिडी के रूप में वहन करेगी। प्रदेश में कुल लगभग 37 लाख कृषि‍ उपभोक्‍ता हैं जो सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत   

राज्‍य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष के दौरान कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं के अलावा 150 यूनिट प्रतिमाह तक मासिक वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट पर मात्र 100 रु का ही भुगतान करना होता है। जबकि, 100 यूनिट खपत पर शहर के प्रत्येक घरेलू उपभोक्ताओं के लिये सरकार सब्सिडी के रूप में लगभग 566 रु का भुगतान करेगी। इस प्रकार के घरेलू उपभोक्ता जिनको सरकार सब्सिडी प्रदान कर रही है, उनकी संख्या पूरे प्रदेश में लगभग 1.07 करोड़ है।

इस प्रकार गत वित्त वर्ष में सरकार द्वारा कुल लगभग 23695 करोड़ सब्सिडी के रूप में और पूर्व के वर्ष के 3067 करोड़ रु अत: कुल 26762 वहन किए है। सरकार द्वारा आज की गई घोषणा के कारण अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग इतनी ही राशि बतौर सब्सिडी वहन की जाएगी।

 

खुदरा विद्युत प्रदाय टैरिफ आदेश की विशेषताएं

1.विद्युत कंपनियों के 7.52% की टैरिफ वृद्धि के प्रस्ताव के विरूद्ध मात्र 3.46% वृद्धि की मंजूरी।

2. समस्त निम्न दाब उपभोक्ताओं एवं मौसमी उच्च दाब उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, न्यूनतम प्रभार समाप्त किए गए।

3. उपभोक्ताओं को कोई मीटरिंग प्रभार नहीं देना होगा।

4. स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को टैरिफ में छूट सोलर अवधि में ऊर्जा प्रभार में 20% की छूट।

5. 10 किलोवाट से अधिक भार वाले निम्न दाब श्रेणी के घरेलू एवं सामान्य जल प्रदाय एवं सड़क बत्ती एवं एचवी-6 श्रेणी के उपभोक्ताओं को टीओडी (टाइम ऑफ़ डे) टैरिफ के अंतर्गत लाया गया।

6. उच्च दाब उपभोक्ताओं को रात्रिकालीन उपभोग पर छूट आंशिक संशोधन के साथ यथावत ऊर्जा। प्रभार में माह जून से सितम्बर तक 10% एवं शेष माह में 7.50% की छूट का प्रावधान।

7. उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए किलोवाट बिलिंग यथावत।

8. उच्च दाब/अति उच्च दाब उपभोक्ताओं को छूट/प्रोत्साहन की व्यवस्था जारी रहेगी।

9. प्रीपेड उपभोक्ताओं को छूट/ प्रोत्साहन की व्यवस्था जारी रहेगी।

10. शीघ्र / ऑनलाइन भुगतान के लिए छूट /प्रोत्साहन की व्यवस्था जारी रहेगी।

11. पावर फैक्टर / लोड फैक्टर प्रोत्साहन की व्यवस्था जारी रहेगी।

12. हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन प्रमाणीकरण के लिए हरित ऊर्जा टैरिफ में कमी।

13. विद्युत वितरण कंपनियों के लिए शोध एवं विकास (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) फंड की व्यवस्था। इससे तकनीकी हस्तक्षेप, संचालन दक्षता में सुधार एवं लागत में बचत का अध्ययन हो सकेगा।

14. वितरण कंपनियों को उपभोक्ता सेवाओं में बेहतरी के निर्देश। उपभोक्ता सेवा में खामी पर क्षतिपूर्ति का भुगतान होगा।