
Mahakumbh of Education- 2026 राजस्थान खत्री अरोड़ा समाज का भीलवाड़ा में शिक्षा का महाकुंभ संपन्न, 500 प्रतिभाओं को किया सम्मानित!
Bhilwara : राजस्थानी अरोड़ा खत्री सर्वोच्च समिति (रजि.), जोधपुर के तत्वावधान में तथा श्री अरोड़ा खत्री समाज समिति, भीलवाड़ा एवं श्री वरुण शिक्षण संस्थान के संयुक्त सहयोग से आयोजित “शिक्षा का महाकुंभ-2026” रविवार को टाउन हॉल, भीलवाड़ा में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए समाजबंधुओं, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में शैक्षणिक सत्र 2023-24 एवं 2024-25 के लगभग 500 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महंत श्री मोहन शरण जी शास्त्री (निम्बार्क आश्रम, भीलवाड़ा) के सान्निध्य में दीप प्रज्ज्वलन एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। मुख्य अतिथि भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल रहें तथा अध्यक्षता कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. बीपी सारस्वत ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक अशोक कुमार कोठारी, भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुपम अरोड़ा एवं माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय, भीलवाड़ा के प्रो. संतोष आनंद भी मौजूद रहे। अतिथियों का पारंपरिक साफा, शॉल, दुपट्टा, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया। भीलवाड़ा की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत ने कार्यक्रम को भक्ति और उल्लास से भर दिया, वहीं चेतन्य अरोड़ा एवं बैंड की प्रस्तुति ने समां बांध दिया। जोधपुर और अजमेर से आईं नंदिनी एवं कृष्णा के रंगारंग नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी।

मुख्य अतिथि दामोदर अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. डॉ. बी.पी. सारस्वत ने प्रतिभाओं के सम्मान को समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया। विंग कमांडर अनुपम अरोड़ा ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास एवं राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। महंत मोहन शरण जी शास्त्री ने शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को जीवन में अपनाने पर बल दिया। विधायक अशोक कुमार कोठारी ने कार्यक्रम को समाज की एकता, शिक्षा और संस्कारों का महोत्सव बताया। प्रो. संतोष आनंद ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
समिति अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार अरोड़ा ने कहा कि सकारात्मक सोच, शिक्षा और संस्कार समाज की वास्तविक शक्ति हैं। विद्यार्थियों की मेहनत, लगन, अनुशासन एवं उत्कृष्ट उपलब्धियां न केवल उनके परिवार बल्कि संपूर्ण अरोड़ा खत्री समाज के लिए गर्व का विषय हैं। प्रतिभाओं का सम्मान समाज के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने अपने बच्चों को सम्मानित होते देख गर्व व्यक्त किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन आयोजन सचिव कैलाश सराया ने दिया। अंत में समिति मंत्री डॉ. अनिल बत्रा ने सभी अतिथियों, भामाशाहों, अभिभावकों एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति एवं कार्यकर्ताओं के समन्वित प्रयासों से संपन्न यह समारोह शिक्षा, संस्कार, सामाजिक एकता एवं प्रतिभा सम्मान का प्रेरणादायी उत्सव बनकर समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संदेश देने में सफल रहा।
20 वर्षों से शिक्षा प्रोत्साहन की अलख जगा रही है योजना!
शिक्षा समिति के संयोजक श्याम प्रकाश अरोड़ा ने बताया कि वर्ष 2006 में प्रारंभ की गई शिक्षा प्रोत्साहन पुरस्कार योजना ने इस वर्ष अपने गौरवशाली 20 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। पिछले दो दशकों में इस योजना के माध्यम से देशभर के सैकड़ों मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जा चुका है। यह योजना समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने तथा नई पीढ़ी में प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम बनी हुई है।
छात्रवृत्ति से उच्च शिक्षा तक पहुंचे 15 विद्यार्थियों का विशेष सम्मान!
शिक्षा समिति के सह-संयोजक जयेश अरोड़ा एवं शलभ ब्रह्मवर ने बताया कि राजस्थानी अरोड़ा खत्री सर्वोच्च समिति द्वारा प्रतिभा सम्मान के साथ-साथ आर्थिक रूप से जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है। समाज के भामाशाहों एवं दानदाताओं के सहयोग से संचालित इस योजना का लाभ अब तक 30 से अधिक विद्यार्थियों को मिल चुका है।
“शिक्षा का महाकुंभ-2026” में ऐसे 15 सफल विद्यार्थियों का विशेष सम्मान किया गया, जिन्होंने छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त कर उच्च शिक्षा हासिल की और अपने परिश्रम, प्रतिभा एवं उपलब्धियों से समाज का नाम गौरवान्वित किया। यह सम्मान उन विद्यार्थियों की सफलता के साथ-साथ समाज के सहयोग और शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक बना!




