
Maharashtra Scandal: ’धर्म की अफीम’ और अंधविश्वास का जाल: सुशिक्षित समाज भी ढोंगियों का शिकार
रंजन श्रीवास्तव की विशेष रिपोर्ट
अशोक खरात नाम का आरोपी उस घृणित अपराध की सिर्फ एक और कड़ी भर नहीं है, जो भारत देश में धर्म और ज्योतिष के नाम पर लोगों को बहला-फुसलाकर या जोर-जबरदस्ती करके किया जाता है. खरात तो आसाराम, गुरमीत राम रहीम और अन्य ऐसे अपराधी जिनका भंडाफोड़ पिछले कुछ वर्षों में हुआ है, से भी ज्यादा शातिर निकला. नासिक पुलिस को अशोक खरात और उसके सहयोगी के पास से जो 58 या उससे ज्यादा वीडियो क्लिप्स मिले हैं, वे हैरान करने वाले हैं.
इतनी सारी महिलाओं का अशोक बरात नाम के ढोंगी बाबा के सामने एक बंद कमरे में समर्पण, यदि ब्लैकमेलिंग के कारण या किसी नशायुक्त पानी पिलाने के कारण भी रहा हो, तो भी यह आश्चर्यचकित करने वाला तथ्य हो सकता है कि इन महिलाओं और लड़कियों ने इस कथित बलात्कारी बाबा के कृत्य से बचने के लिए थोड़ा भी प्रतिरोध क्यों नहीं किया या बाद में पुलिस थाने रिपोर्ट कराने क्यों नहीं गयीं?
पुलिस ने कथित बलात्कारी बाबा को गिरफ्तार कर लिया है और यदि जांच सही हुई तो हो सकता है कई सवालों के जवाब हमें मिल जाएं, पर यह घटना हमें सोचने को मजबूर करती है कि अंधविश्वास के कुएं में हमारा समाज कब तक कैद रहेगा. जिन महिलाओं के साथ इस ढोंगी बाबा ने ज्यादती की है, उनमें से ज्यादातर राजनेताओं, अधिकारियों और अन्य रसूखदारों के घरों की महिलाएं बताई जा रही हैं.
यह घटना और इस ढोंगी बाबा का अपराध इस लिहाज से अनोखा है कि मुख्य रूप से इस तरह के अपराधों में पीड़ित महिलाएं निर्धन वर्ग से होती हैं और उनकी शिक्षा का स्तर भी निम्न होता है. पर महाराष्ट्र से आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीड़ित महिलाएं सुशिक्षित भी हैं और प्रभावशाली पृष्ठभूमि से आती हैं.
इस ढोंगी बाबा का अपराध करने का तरीका भी यही था कि वह बड़े घरों, जिनमें राजनेता और अधिकारी शामिल हैं, की लड़कियों और महिलाओं को निशाना बनाता था और वह भी दिनदहाड़े अपने ऑफिस में, जहां लोगों का आना-जाना लगा रहता था.
यह समझ के परे है कि इतनी सारी महिलाएं और ऐसी महिलाएं या बच्चियां जो सुशिक्षित हैं और प्रभावशाली परिवारों से आती हैं, क्या बिना किसी लोक-लाज के किसी अपराधी की हवस को मिटाने के लिए उसके सामने अपने आप को स्वेच्छा से प्रस्तुत कर देंगी.
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अशोक खरात के काली करतूतों का भंडाफोड़ इसलिए नहीं हुआ कि कोई पीड़ित महिला अशोक खरात के ब्लैकमेलिंग से त्रस्त होकर पुलिस के पास चली गयी हो. वस्तुतः जब खरात के एक सहयोगी ने एक महिला को ब्लैकमेल करने की कोशिश की तब इस सारे अपराध का भंडाफोड़ हुआ.
यदि हम एक शातिर अपराधी की मानसिकता को पढ़ने की कोशिश करें, तो ऐसा लगता है कि अशोक खरात ने धर्म, ज्योतिष और टोने-टोटके के बहाने बड़े घरों की महिलाओं को इसलिए टारगेट किया क्योंकि वह जानता था कि जितने बड़े घर की महिलाएं, उतना ही उनकी स्वयं के प्रति समाज में लोक-लाज और अपनी प्रतिष्ठा खोने का डर होगा अगर उनको उनके साथ आपत्तिजनक अवस्था में लिए गए वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी दी जाय.
अशोक खरात ने संभवतः इसी मनोविज्ञान के सहारे पहले महिलाओं को अभिमंत्रित जल के नाम पर ड्रग युक्त जल पिलाकर उनके साथ गलत काम किया होगा. उस अपराध के दौरान उसने सीसीटीवी के जरिए महिलाओं के वीडियो बनाए और फिर उन वीडियो क्लिप्स को दिखाकर और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उन्हें बार-बार अपने ऑफिस में बुलाया और उनके साथ गलत काम किया.
अशोक खरात के घृणित अपराध शायद अभी भी सामने नहीं आ पाते और वह अपने अपराध के साम्राज्य को बढ़ाते ही चला जाता पर इस ढोंगी बाबा के एक सहयोगी के हाथ सारे वीडियो क्लिप्स लग गए और वह उन्हीं के सहारे पीड़ित महिलाओं में से एक महिला को ब्लैकमेल करने की कोशिश करने लगा.
महिला ने पुलिस में रिपोर्ट लिखवा दी और यहीं से अशोक खरात की काली करतूतों का पता लगना शुरू हो गया. हो सकता है ढोंगी बाबा के उस सहयोगी ने कुछ और पीड़ित महिलाओं को ब्लैकमेल किया हो या कर रहा हो और वे महिलाएं लोक-लाज के भय से पुलिस स्टेशन जाने की हिम्मत नहीं कर पाई हों.
पर प्रकृति का नियम है कि हर अपराधी के पाप का घड़ा एक न एक दिन तो भरता ही है और उसका कुकृत्य सामने आता ही है.
पर इस अपराधी का रसूख इतना ज्यादा था कि उसके दरबार में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री, बड़े से बड़े राजनेता और यहां तक कि बहुत से पुलिस अधिकारी भी अपना भविष्य जानने और सुधारने जाते रहते थे.
इस वजह से एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस इस ढोंगी बाबा को गिरफ्तार करने में फूंक-फूंक कर कदम रख रही थी.
पुलिस जानती थी कि कार्रवाई की भनक लगते ही ढोंगी छूमंतर हो सकता है और अपने अपराध को छिपाने के लिए सबूतों को नष्ट भी कर सकता है. अतः इस अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने एक काल्पनिक चोर को गिरफ्तार करने के लिए उसके पीछे भागने का नाटक किया और अशोक खरात के घर के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बनाकर उसके घर में घुसकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
दूसरों के भविष्य को बताने का दावा करने वाला अशोक खरात गिरफ्तारी के वक्त अपने स्वयं के भविष्य से बेखबर गहरी नींद में सो रहा था.





