
मंदसौर पुलिस द्वारा मात्र 15 घण्टे में नगद 10 लाख रुपये चुराने वाले अतंर्राज्यीय शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर रुपये बरामद किये गए
मध्यप्रदेश एवं राजस्थान पुलिस टीम के समन्वय से शातिर अपराधियों को धर दबोचा
मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर। पुलिस के त्वरित एक्शन एवं राजस्थान पुलिस के साथ आपसी समन्वय से मात्र 15 घण्टे मे किया आरोपियो को किया डिटेन, दस लाख रुपए चोरी की राशि बरामद की गुरुवार शाम को पुलिस कन्ट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी अनुसार बुधवार को मंदसौर में एक कार से रेकी कर थैली में रखे दस लाख रुपए नक़द कांच फोड़ कर फरार आरोपी को मय राशि के पकड़ा गया है।
घटना का संक्षिप्त विवरण देते हुए बताया- कि बुधवार 25.02.2025 को फरियादी तुलसीराम पिता गोवर्धनलाल धनोतिया निवासी – बोलखेडा थाना वायडीनगर मदंसौर ने थाने पर उपस्थित होकर रिपोर्ट किया कि आज दिनांक को मेरे द्वारा IDFC बैंक तथा HDFC बैंक से 18 लाख रुपये नगद निकाले थे जिसमें से 10 लाख रुपये अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मेरे घर के बाहर खडी मेरी कार का शीशा तोडकर लेकर भाग गए है। फरियादी की रिपोर्ट पर से थाना वायडीनगर मंदसौर पर अपराध धारा – 303(2) BNS का पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया।
नगर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्रसिंह भास्कर एवं थाना प्रभारी वायडी नगर निरी. शिवांशु मालवीय के नेतृत्व मे थाना वायडी नगर के उनि विनय बुंदेला एवं उ0नि0 रितेश नागर प्रभारी सायबर सेल मंदसौर की टीम गठित कर आरोपियो की पतारसी एवं चोरी गये रूपयो बरामदगी हेतु निर्देशित किया गया।
पुलिस टीम कि कार्यवाही में गठित की गई टीम के द्वारा बैंक, घटना स्थल के आस–पास, आरोपियों द्वारा उपयोग किये गए रुट की सीसीटीवी फुटैज देखे गए। जिसके आधार पर एक आरोपी की पहचान की गयी जिससे आरोपी कर्नाटक राज्य का निवासी होकर इस प्रकार की वारदात करने वाली गैंग का सरगना होना पाया गया। आरोपी के संबंध में टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर राजस्थान पुलिस से समन्वय स्थापित कर पतारसी की गयी जिस दौरान ज्ञात हुआ कि आरोपीगण घटना मे प्रयुक्त मोटरसाइकिल से राजस्थान तरफ भागे है। राजस्थान पुलिस को आरोपियो के फोटोज भेजे जाकर तकनिकी विश्लेषण के आधार पर आरोपीयों को थाना बस्सी जिला चित्तौडगढ राजस्थान पुलिस के माध्यम से डिटेन किया गया।
पुलिस कंट्रोल रूम से बताया गया कि दोनों आरोपीगण अन्तर्राज्यीय शातीर चोर होकर वाहन का शिशा तोडकर नगदी चोरी करने मे माहीर है। आरोपीगण वारदात करने से पहले मोटरसाईकिल चोरी करते है फिर जिस भी राज्य मे चोरी करना होती है वहाँ की फर्जी नम्बर प्लेट उसी चोरी की मोटर साईकिल पर लगाते है और बैंक व वित्तिय संस्थानो के आस पास नगद रुपये निकालने वालों की रैकी करते है तथा बैंक से ही रूपये निकालने वाले व्यक्तियों का पीछा करने लगते है औऱ मौका पाकर उनके वाहन का काँच तोडकर रूपये चोरी कर फरार हो जाते है।
घटना स्थल से 100-150 किलो मीटर की दूरी तय कर चोरी की गई मोटरसाईकिल को किसी अज्ञात स्थान पर फेंक देते है तथा अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधनो से फरार हो जाते है। आरोपीगण के विरुद्ध पूर्वं में भी देश के कई राज्यों में इसी प्रकार की वारदात करने की जानकारी प्रकाश में आयी है। आरोपीगण के आपराधिक रिकार्ड निकाले जा रहे है ।
बरामद मशरूका— नगदी 10 लाख रूपये व घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल।
आरोपीगणों में विष्णु उर्फ भरत पिता रामू भोई उम्र 21 साल निवासी केशवपुरा कॉलोनी, सेकण्ड क्रॉस, तहसील भद्रावती, थाना उसमने जिला शिवमोगा कर्नाटक एवं सुनील उर्फ बाबू उर्फ बालू पिता रामू भोई उम्र 32 साल निवासी केशवपुरा कॉलोनी, सेकण्ड क्रॉस, तहसील भद्रावती, थाना उसमने जिला शिवमोगा कर्नाटक (मुख्य सरगना) शामिल हैं।
आरोपियों को पुलिस ने डिटेन कर सधन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस टीम की इस कार्य़वाही में निरीक्षक शिवांशु मालवीय थाना प्रभारी वायडी नगर, निरीक्षक वरूण तिवारी, रितेश नागर (प्रभारी सायबर सेल), विनय बुन्देला, मंगलसिंह, आशीष बैरागी (सायबर सेल), मुजफ्फरउद्दीन (सायबर सेल), मनीष बघेल (सायबर सेल) नवाज शरीफ थाना वायडीनगर मंदसौर तथा थाना बस्सी जिला चित्तौडगढ पुलिस निरीक्षक चम्पालाल थाना प्रभारी बस्सी, विक्रम सिंह, विजेश अहीर, सोभाग, शंकर लाल, बगदाराम थाना बस्सी जिला चित्तौडगढ (राज.) का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को पृथक से पुरुस्कृत किया जावेगा।





