मंत्रिमंड़ल विस्तार : जगह कम, दावेदार ज्यादा,किसे लें, किसे छोड़ें! मुख्यमंत्री के सामने संशय बरकरार

मंत्रिमंड़ल विस्तार : जगह कम, दावेदार ज्यादा,किसे लें, किसे छोड़ें! मुख्यमंत्री के सामने संशय बरकरार

मीडियावाला.इन।

भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए इस बार मंत्रिमंडल का विस्तार का कार्य चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है । समझ में यह नहीं आ रहा है किसे लें और किसका नाम काटे।
 इस बात को लेकर कल शिवराज ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ ही अपने वरिष्ठ साथी और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से मंत्रणा की। माना जा रहा है कि इस मंत्रणा के दौरान प्रदेश में क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण को संतुलित रख मंत्रिमंडल विस्तार के संदर्भ में नामों की चर्चा की गई।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार की तिथि अब नजदीक ही मानी जा रही है। इसमें कोई दो दर्जन नए नाम मंत्री शामिल होने की संभावना है। इसमें ज्योतिरादित्य कैंप के आठ मंत्री के नाम तो लगभग तय हैं लेकिन झमेला बीजेपी के नामों को लेकर ही है। यहां एक अनार सौ बीमार वाली कहावत यहां लागू हो रही है।

इधर भोपाल में मंत्रिमंडल में शामिल होने के इच्छुक भाजपा नेता लगातार संगठन के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर अपना पक्ष रख रहे हैं  आज भी प्रदेश के पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा और गौरीशंकर बिसेन भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष बीडी शर्मा से मिले और मंत्री बनाने के संबंध में चर्चा की। राजनीतिक गलियारों में इसे दबाव की राजनीति माना जा रहा है

अगर हम जातिगत समीकरण की बात करें तो उज्जैन से मोहन यादव यादव समाज के प्रतिनिधि के रूप में शामिल होना चाहते हैं मंदसौर नीमच से क्षेत्रीय समाज की पकड़ को देखते हुए यशपाल सिंह सिसोदिया की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है विंध्य क्षेत्र से वैसे तो राजेंद्र शुक्ला का नाम तय है लेकिन उनके साथ साथ विंध्याचल से ओबीसी के एक प्रतिनिधि को भी मंत्री बनाया जा सकता है इसमें अमरपाटन के विधायक रामखेलावन का नाम आगे है पूर्व के शिवराज मंत्रिमंडल में जैन समाज से पारस जैन शामिल थे लेकिन इस बार उनके नाम को लेकर संशय जताया जा रहा है। संभावना इस बात की ज्यादा है की रतलाम से चेतन कश्यप या जावद से ओ पी सखलेचा का नंबर इस बार लग सकता है।
 मंत्री बनाने के लिए अभी भाजपा के जिन नेताओं के नाम चर्चा में आए हैं, वे गोपाल भार्गव, राजेंद्र शुक्ला, रामपाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, अजय विश्नोई, गौरीशंकर बिसेन, संजय पाठक, विश्वास सारंग, अरविंद भदौरिया, विजय शाह, ओमप्रकाश सकलेचा, जगदीश देवड़ा, यशपाल सिंह सिसोदिया, हरिशंकर खटीक, प्रदीप लारिया, पारस जैन, रमेश मेंदोला, गोपीलाल जाटव और मोहन यादव हैं। नाम तो सुरेंद्र पटवा का भी सुना जा रहा है, पर वे चैक बाउंस के मामले में फंसे हैं। इसके अलावा इंदौर से उषा ठाकुर का नाम भी सुना जा रहा है।  
गोविंदसिंह राजपूत के कारण पहली बार में भूपेंद्र सिंह का नाम कट गया था! क्योंकि, दोनों सागर से हैं। नए विस्तार में उनके नाम की तो चर्चा है लेकिन शिवराज अपने विश्वस्त सहयोगी को मंत्रिमंडल में ले पाएंगे इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में संशय व्यक्त किया जा रहा है। 
ज्योतिरादित्य कैंप से जिन मंत्रियों को शामिल किया जाना तय माना जा रहा है, वे हैं इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रभु राम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, एदल सिंह कंसाना बिसाहू लाल सिंह, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और हरदीप ढंग।
यह देखना दिलचस्प होगा कि मंत्रिमंडल विस्तार में शिवराज किस तरकीब से अपनों को भी शामिल कर ले और राजनीतिक जरूरतों की पूर्ति भी कर ले।

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