बिहार की राजनीति में घमासान, तेजस्वी ने अपनी सभाएं की रद्द, टूटने के कगार पर महागठबंधन

बिहार की राजनीति में घमासान, तेजस्वी ने अपनी सभाएं की रद्द, टूटने के कगार पर महागठबंधन

मीडियावाला.इन।

अभी-अभी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि बिहार महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। नौबत इतनी खराब हो चुकी है कि कयास लगाया जा रहा है कि महागठबंधन टूट भी सकती है। सूत्रों से प्राप्त हो रही खबरों के अनुसार सीट शेयरिंग पर किसी तरह समाधान निकालने के बाद महागठबंधन के नेता यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि कौन से सीट पर किस पार्टी का उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा। यहां तक की राजद कांग्रेस को सीटिंग सीट भी देने के लिए तैयार नहीं है। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार इसी बीच दिल्ली में राहुल गांधी ने आपात बैठक बुलाई है। वहीं तेजस्वी ने अपनी सभाएं रद्द कर दी है। कांग्रेस नेता किसी भी कीमत पर बैकफुट पर रहने को तैयार नहीं हैं।

महागठबंधन  में मचे महासंग्राम के बीच आज शाम 6 बजे पटना के मौर्या होटल में महागठबंधन के नेताओं की प्रेस कांफ्रेंस होनी है जिसमे सभी 40 सीटों के लिए उम्मीदवारों के घोषणा होने की उम्मीद है। लेकिन बिहार कांग्रेस के सभी बड़े नेता दिल्ली में जमे हुए हैं जहाँ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के साथ सुबह 11 बजे आपात मीटिंग है। आज राजद नेता तेजस्वी यादव को दिन में कई जनसभाओं को संबोधित करना है जिसके बाद वो सीधे पटना के मौर्या होटल पहुंचेंगे और प्रेस कांफ्रेंस में हिस्सा लेंगे। उनके अलावा उपेन्द्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी भी इस प्रेस कांफ्रेंस में शामिल हो सकते हैं। लेकिन कांग्रेस के नेता दिल्ली में डेरा जमाये हुए हैं। ऐसी स्थिति में प्रेस कांफ्रेंस पर संशय बना हुआ है।

 

 

इससे पहले जब सीट बंटवारे की घोषणा के लिए प्रेस कांफ्रेंस हुई थी तो उसमे महागठबंधन के सभी बड़े नेताओं को शामिल होना था लेकिन कोई भी बड़ा नेता प्रेस कांफ्रेंस में शामिल नहीं हुआ था तभी ये अंदाजा लगाया गया था कि महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। कांग्रेस दरभंगा सीट पर कीर्ति आज़ाद को उतारने के लिए कांग्रेस हर हाल में दरभंगा सीट चाहते हैं। सुपौल से रंजीत रंजन कांग्रेस की सिटिंग सांसद हैं लेकिन उनके खिलाफ राजद ने मोर्चा खोला हुआ है। औरंगाबाद में निखिल कुमार का टिकट कटने के बाद सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कल भी प्रदर्शन किया। इसी बीच कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने काराकाट सीट पर अपना दावा ठोक दिया .काराकाट उपेन्द्र कुशवाहा की सेटिंग सीट है। नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राजद को बड़ा भाई मानने के चक्कर में सारी कुर्बानियां सिर्फ कांग्रेस ने दी है चाहे तो सीटों की संख्या हो या सीटों का चयन।

 

 

बुधवार को पूरा दिन प्रदेश कांग्रेस ऑफिस सदाकत आश्रम में कार्यकर्त्ता सीट बंटवारे से नाराज हो कर प्रदर्शन कर रहे थे। आनन फानन में बिहार कांग्रेस के नेताओं को दिल्ली तलब किया गया और सभी नेता रात को ही दिल्ली पहुँच गए। मदन मोहन झा, अखिलेश प्रसाद सिंह, सदानंद सिंह और शक्ति सिंह गोहिल, वीरेंद्र सिंह राठौड़ और अखिलेश सिंह की केसी वेणुगोपाल से मुलाक़ात हुई। मुलाक़ात के दौरान क्या बात हुई ये तो साफ़ नहीं हुआ है लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर निकल कर आ रही है कि बिहार कांग्रेस के 6 नेताओं में से 4 नेता गठबंधन तोड़ने के पक्ष में है।

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