सड़क दुर्घटनाओं के मामले में प्रदेश के लिए बुरी खबर,देश में दूसरे पायदान पर है हमारा एमपी

सड़क दुर्घटनाओं के मामले में प्रदेश के लिए बुरी खबर,देश में दूसरे पायदान पर है हमारा एमपी

मीडियावाला.इन।

रजत परिहार की खास खबर

भोपाल: दुर्घटनाओं में तमिलनाडु राज्य और मृतकों की संख्या में उप्र नंबर वन पर है।सड़क दुर्घटनाओं के मामले में प्रदेश के लिए बुरी खबर है कि देश में दूसरे पायदान पर हमारा एमपी है।
सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटनाएं रोकने और सड़क सुरक्षा को लेकर पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी ऑन रोड सेफ्टी का गठन किया है जो समय-समय पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने एवं मोटरयान व कानूनों के विभिन्न प्रावधानों को लागू करने के निर्देश देती रहती है, ताकि दुर्घटनाओं में सम्यक रूप से कमी लाई जा सके। लेकिन इस पर अमल करने में राज्य सरकार के सभी प्रयास खोखले साबित हो रहे हैं। प्रदेश में लगातार तेजी से सड़क दुर्घटनाएं और इसमें मृत लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आज मध्यप्रदेश की स्थिति देश में यह है कि अन्य राज्यों की तुलना में दोनों ही मामलों में आगे है। मतलब देश में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में मध्यप्रदेश दूसरे पायदान पर है तो वहीं सड़क दुर्घटना में मृत लोगों की संख्या में तीसरे नंबर पर हैं, जो प्रदेश के लिए चिंता का विषय है कि इसमें कैसे कमी लाई जाए। क्योंकि प्रदेश में वर्ष-2019 में कुल 50669 दुर्घटनाएं घटित हुईं , जिसमें 11249 लोगों की मौत हुई है, जबकि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या के मामले में पहले नंबर पर तमिलनाडु राज्य है, यहां 57228 दुर्घटनाएं हुई हैं तो तीसरे नंबर पर उत्तरप्रदेश है, जहां 42572 दुर्घटनाएं घटित हुईं हैं। इसी तरह दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या के आंकड़ों पर बात करें तो देश में पहले नंबर पर उत्तरप्रदेश 22655 के साथ है। दूसरे पर महाराष्ट्र 12788 व तीसरे पर मध्यप्रदेश 11249 है।

वैश्विक स्तर पर भी भारत नंबर एक

देश के लिए यह चिंता का विषय है कि वैश्विक स्तर पर भी सड़क दुर्घटनाओं में भारत की स्थिति ठीक नहीं हैं। भारत सड़क दुर्घटनाओं में मृत की संख्या में नंबर 1 पर हैं। इतना ही नहीं सड़क दुर्घटनाओं में घायलों और केवल सड़क दुर्घटनाओं में तीसरे स्थान पर हैं। वैश्विक स्तर के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो अमेरिका में दुर्घटनाएं 2211439, मृतक 37461,घायल 3144000, जापान में दुर्घटनाएं 499232,मृतक 4698, घायल 614155 और भारत में दुर्घटनाएं 480652,मृतक 150785 व घायल 494624 पर हैं।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता लाने की आवश्यकता हैं। कमेटी समय-समय पर राज्य सरकारों को बैठक में विशेष दिशा-निर्देश देती हैं। वैसे भी हर एक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वे सज ग रहे, साथ ही राज्य सरकार को स्कूल, कॉलेज में सड़क सुरक्षा से हमें क्या-क्या फायदे है इसके बारे में बताना चाहिए।
जस्टिस अभय मनोहर सप्रे
 अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी, नई दिल्ली

माननीय सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिती द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सडकों के सुरक्षित निर्माण, यातायात के नियमों का पालन और जन-जागृति के लिए जो निर्देश दिए है। उनका पालन जमीनी स्तर पर पुलिस, यातायात विभाग और विभिन्न रोड निर्माण एजेंसियों को सुनिश्चित करना चाहिए।
डीसी सागर
एडीजी, पीटीआरआई, एमपी

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