गोवा की एक सोसायटी का तुगलकी फरमान: कोविड संक्रमितों की सेवा में जुटे डॉक्टरों को सोसाइटी से बाहर करो क्योंकि इनसे महामारी संभव

गोवा की एक सोसायटी का तुगलकी फरमान: कोविड संक्रमितों की सेवा में जुटे डॉक्टरों को सोसाइटी से बाहर करो क्योंकि इनसे महामारी संभव

मीडियावाला.इन।

Margao, Goa: कोविड-19 संक्रमण काल में जहाँ डॉक्टर अपने जान की बाज़ी लगाकर चौबीस घंटे में से बीस बीस घंटे काम करके लोगों का जीवन बचाने के लिए संघर्षरत हैं तो वहीं कुछ लोगों का ऐसे डॉक्टरों के प्रति नजरिया इतना घृणास्पद और सोच दक़ियानूसी है उसके बारे में सोचकर के किसी भी समझदार व्यक्ति को शर्म आ जाए।
सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है जो मरगाँव, गोवा की एक सोसायटी अध्यक्ष द्वारा अपने एक रहवासी को लिखा गया है जिसमें कहा गया है कि उनके वहाँ रहने वाले डॉक्टर के कारण सोसायटी में कोविड महामारी फैल सकती है।इसके लिए उनको वहाँ न रखा जाए। यह बता दें कि जिस डॉक्टर की इस पत्र में बात हो रही है वह मकान मालिक महिला यानी वंदना बोरकर का बेटा है।
साउथ गोवा के मरगाँव इलाक़े में एक सोसाइटी है उसका नाम है कंचनजंगा कोआपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड। यह एक रजिस्टर्ड सोसाइटी है। इस सोसाइटी के अध्यक्ष हैं हेमंत आगले। हेमंत आगले ने सोसाइटी की रहवासी मिसेज़ वंदना बोरकर को पिछले दिनों पत्र लिखकर कहा है कि सोसायटी के सी ब्लॉक में आपके फ्लैट में डॉक्टर रह रहे हैं।उनका कहना है कि ये मेडिकल डॉक्टर कोरोना मरीज़ों का हॉस्पिटल में इलाज करते हैं।इसके कारण सोसायटी में कोरोना वायरस महामारी फैलने का ख़तरा बढ़ गया है। इसलिए आप ऐसे लोगों को सोसायटी में कोविड महामारी के दौरान न ठहरने दें। कुल मिलाकर सोसायटी अध्यक्ष का कहना है कि कोविड मरीज़ों का उपचार करने वाले डॉक्टरों को सोसायटी में रहने नहीं देना चाहिए। डॉक्टरों के प्रति इस तरह की घटिया व स्वार्थी सोच रखने वाली यह पोस्ट ज़बर्दस्त तरीके से ट्रोल की जा रही है।@iamnarendranath लिखते हैं यह गोवा के पढ़े लिखे अपार्टमेंट सोसाइटी में एक मां को सोसाइटी की ओर से लिखा गया लेटर है कि उसका डॉक्टर बेटा इलाज कर अपने घर में रहने क्यों आता है। मतलब डॉक्टर/नर्स सड़क पर रहें? ऐसे देंगे इन्हें सम्मान?
@mufflrman कटाक्ष करते हुए लिखते हैं कि सोसायटी के लोगों की वास्तविक शिकायत को संज्ञान में लिया जाना चाहिए और सोसाइटी के सभी लोगों को नज़दीकी झोपड़पट्टी में या जंगल में शिफ़्ट कर देना चाहिए ताकि वे डॉक्टर से सुरक्षित रहे।@batman_437 नाराज़गी भरे स्वर में लिखते हैं कि सोसायटी अध्यक्ष के ख़िलाफ़ कड़ी क़ानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।@Sanjay_IRTS ने इस मामले में गोवा के मुख्यमंत्री से कार्रवाई करने का आग्रह किया है। @Chitranjan101 नाराज़गी के साथ लिखते हैं कि जिसे जिसे दिक़्क़त है पहली फ़ुरसत में सोसाइटी से निकाल दिया जाना चाहिए।@ShivaniV2901 ने बड़े दुखी मन से लिखा कि लोग बहुत ही स्वार्थी और असंवेदनशील हो गए हैं इसलिए देश और समाज का ये हाल है।
कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या कोविड मरीज़ों का इलाज करने वाले डॉक्टरों को फ़्लैट्स या सोसायटी में रहने का अधिकार नहीं है। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने पर @pankajsinghips ने ट्वीट किया कि गोवा की Fatorda Police ने दोनों पक्षों से संपर्क किया और दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला सुलझ गया है।

भले ही इस मामले का सुखद पटाक्षेप हो गया हो लेकिन ये अपने आप में बड़ा सामाजिक सवाल है कि हमारे जीवन की रक्षा करने वाले, मौत के मुँह से बाहर निकाल के लाने वाले डॉक्टरों के साथ क्या सभ्य समाज को इस तरह का अतार्किक व्यवहार किया जाना चाहिए।
देखिए सोसायटी अध्यक्ष द्वारा लिखा गया पत्र

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