टोक्यो ओलम्पिक में ऐश्वर से गोल्ड मेडल की उम्मीद,MP में खरगोन जिले के छोटे से गांव रतनपुर का बेटा है ऐश्वर,गुब्बारे फोडने के शौक ने बनाया वर्ल्ड चैंपियन

टोक्यो ओलम्पिक में ऐश्वर से गोल्ड मेडल की उम्मीद,MP में खरगोन जिले के छोटे से गांव रतनपुर का बेटा है ऐश्वर,गुब्बारे फोडने के शौक ने बनाया वर्ल्ड चैंपियन

मीडियावाला.इन।

टोक्यो ओलम्पिक में एमपी के अचूक निशानेबाज ऐश्वर प्रताप सिह तोमर से गोल्ड मेडल को लेकर उम्मीद, जूनियर वल्ड चैम्पियन है ऐश्वर, दुनिया में शूटिंग की रेकिंग में है दूसरे स्थान पर, 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में गोल्ड जीतकर भारत का तिरंगा टोक्यो मे लहराने की परिजनो को उम्मीद

खरगोन से आशुतोष पुरोहित की रिपोर्ट

खरगोन:  टोक्यो में 23 जुलाई से शुरू होने जा रहे ओलम्पिक को लेकर एमपी के अचूक निशानेबाज ऐश्वर प्रताप सिह से प्रदेश ही नही देश को भी गोल्ड मेडल को लेकर काफी उम्मीद है। मात्र 20 वर्षीय ऐश्वर प्रताप सिह तोमर फिलहाल में जूनियर वल्ड चैम्पियन है। दुनिया में शूटिंग की रेकिंग के मामले में दूसरे स्थान पर है। टोक्यो औलम्पिक में सीनियर क्षेत्र में 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में गोल्ड हासिल करना ऐश्वर का लक्ष्य है। पिछले माह सम्पन्न अपनी बहन की शादी छोडकर  यूरोप के क्रोएशिया में ओलम्पिक की तैयारी में जुटे हुए थे।

 मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की आदिवासी बाहुल्य तहसील झिरन्या के छोटे से गांव रतनपुर के किसान परिवार में 3 फरवरी 2001 को जन्मे ऐश्वर वर्ष 2015 से मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में प्रक्षिक्षणरत है। ग्रामीण आदिवासी क्षेत्र में गुब्बारे फोडने के शौक से ऐश्वर अब तक देश को तीन गोल्ड एक रजत और एक कास्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दिला चुके है। ऐश्वर की मेहनत, जज्बे और जुनून से परिजनो को ओलम्पिक में गोल्ड मेडल को लेकर काफी उम्मीद है।

 *ग्रामीण मेलो मे गुब्बारे फोडने के शौक ने ऐश्वर को बनाया शूटिंग का बदशाह*

कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो हर मंजिल आसान होती है। जी हाॅ कुछ ऐसा ही कहाॅ जा सकता है ऐश्वर प्रताप के लिये - - खरगोन जिले के एक छोटे से गांव रतनपुर में राजपूत परिवार में जन्मे ऐश्वर ने बचपन में ही अपने खानदानी शौक को अपने जीवन की मंजिल बना ली। पढाई में कमजोर ऐश्वर ने ग्रामीणो मेलो में गुब्बारे फोडने के जुनून ने उन्हे अब शूटिंग का बदशाह बना दिया। ऐश्वर के माता श्रीमती हेमा और पिता वीर बहादुर सिह तोमर दोनो को उम्मीद है की उनका बेटा औलम्पिक में अपने गांव, परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेगा। 
पिता वीर बहादुर सिह ने मीडियावाला को बताया की ऐश्वर को निशानेबाज बनाने का श्रैय मेरे भन्जे ऐश्वर के भाई नवदीप राठौर को जाता है। नवदीप ने ऐश्वर के लिये काफी मेहनत की मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग ऐकडमी मे एडमिशन कराया। खेल की हर बरीकी सखाई। चचेरा भाई नवदीप ही उसका बचपन से कोच रहा है। बचपन से ही राजपूत समाज का होने की वजह से बन्दूक घर पर ही ऐश्वर ने दिखी है। मेले में गुब्बारे फोडने के शौक ने ऐश्वर को अपनी मंजिल दिखाई। माॅ हेमा का मानना है की हमने उसके शौक को लेकर कभी टोका नही। उसकी हर इच्छा का पूरा किया है। हमे पूरी उम्मीद है की ओलम्पिक में पदक लेकर ही लौटेगा। ईश्वर से प्रार्थना करते है ऐश्वर की हर इच्छा पूरी करे। चाचा नितीराज तोमर का कहना है की कई चुनौतीयो के बीच भतीजे ऐश्वर ने कडी मेहनत की है। सभी परिजन इन दिनो भगवान से प्रार्थना कर रहे है की ऐश्वर गोल्ड जीतकर लौटे।

ऐश्वर प्रताप सिह तोमर का जीवन रहा है चुनौती पूर्ण
 शूटिंग के क्षेत्र में जर्मनी में 2019 में हुए जूनियर वल्ड चैम्पियनशिप में गोल्ड, दिल्ली में सम्पन्न आईएसएसएफ वल्ड कप में गोल्ड मेडल और जूनियर इन्टरनेश्नल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लेकर आपना लौहा मनवा चूके ऐश्वर प्रताप सिह तोमर का जीवन चुनौती पूर्ण रहा है। एक समय उन्हे मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग एकेडमी मे भी जगह नही मिल रही थी। ऐश्वर के चचेरे भाई और कोच की भूमिका निभाने वाले नवदीप राठौर ने उनका जीवन बदल दिया। कभी इन्टर नेश्नल खिलाडी रहे नवदीप ने शूटिंग की हर बारीकी से ऐश्वर को रूबरू कराया। नवदीप राठौर ने मीडियावाला को बताया की शुरूवात में ऐश्वर ने संघर्ष किया है। लेकिन अपनी लगन मेहनत से मेरे पिछे पिछे चलते उसने आज ये मंजिल हासिल की है। उम्मीद है की ऐश्वर ओलम्पिक में टाप 8 मे आयेगा, और पदक लाकर  प्रदेश ही नही देश का दुनिया में रोशन करेगा । किसान परिवार के होनहार ऐश्वर से मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग एकेडमी को भी एमपी के अचूक निशानेबाज ऐश्वर प्रताप सिह तोमर से काफी उम्मीद है की शूटिंग का ये सितारा ओलम्पिक में भारत का तिरंगा लहरायेगा।

बहन की शादी में भी शामिल नही हुए ऐश्वर, बहन अपूर्वा का दावा- टोक्यो से गोल्ड लाकर देंगे शादी का तोहफा 

 शूटिंग स्टार ऐश्वर प्रताप सिह तोमर के देश के प्रति समर्पण से अन्दाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि अपनी बहन की शादी छोडकर इन दिनो यूरोप के क्रोएशिया में औलम्पिक की तैयारी में जुटे हुए है। ऐश्वर के लिये देश पहले है और ऐश्वर ने बहन का विवाह छोडकर ओलम्पिक मे पदक के लिये प्रेक्टिस में जुटे है। खरगोन में पिछले माह सम्पन्न हुए विवाह को लेकर मीडियावाला ने ऐश्वर की बहन से खास बात की - - 

भाई के शादी में शामिल नही होने से बहन अपूर्वा को मलाल तो है लेकिन बहन का कहना है के पहले हमारे लिये देश जरूरी है।  ऐश्वर को भी अच्छा नही लग रहा था लेकिन मोबाइल पर बात करके समझा दिया कि ओलम्पिक भारत का तिरंगा लहराना है। अपूर्वा ने मीडियावाला से कहा की जब ऐश्वर गोल्ड मेडल लेकर लौटेगा तब परिजनो में शादी की खुशी से ज्यादा खुशी होगी। बहन को उम्मीद है की भाई टोक्यो ओलम्पिक से गोल्ड लाकर शादी का तोहफा देगा। 
 

0 comments      

Add Comment