
MLA Writes Letter to Collector टंट्या भील की प्रतिमा अनावरण में व्यवस्था करने का आदेश जारी करें!
Ratlam : जिले की सैलाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कलेक्टर मिशा सिंह को पत्र लिखकर पेसा अधिनियम- 2022 का उल्लंघन संबंधित आरोप लगाते हुए शिकायत की हैं। पत्र में विधायक ने बाजना तहसील के ग्राम राजापुरा में भगवान टंट्या भील की प्रतिमा की स्थापना के ग्राम सभा प्रस्ताव को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सैलाना द्वारा ठुकराए जाने और ग्राम सभा पदाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार का उल्लेख किया है। विधायक ने PESA (पंचायतों का अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम 2022 के नियमों का हवाला देते हुए तत्काल प्रतिमा स्थापित करने के ग्राम सभा के प्रस्ताव को रिकॉर्ड में लेने संबंधी कार्यवाही की मांग की हैं साथ ही 25 जनवरी को प्रस्तावित प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के लिए यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं के आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।
ग्राम सभा का प्रस्ताव और SDM का रुख!
विधायक डोडियार के अनुसार ग्राम राजापुरा की ग्राम सभा ने 12 जनवरी 2026 को भगवान टंट्या भील की मूर्ति स्थापना का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था। टंट्या भील जिन्हें मालवा के आदिवासी समुदायों में भगवान के रूप में पूजा जाता हैं वह एक ऐतिहासिक स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था। ग्रामीणों का मानना है कि यह प्रतिमा स्थापना आदिवासी संस्कृति रीति-रिवाजों और परंपराओं को संरक्षित करने का प्रतीक बनेगी। पत्र में वर्णित अनुसार 19 जनवरी को ग्राम सभा सदस्यों ने प्रस्ताव और ग्राम पंचायत की अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सैलाना के कार्यालय पहुंचे। लेकिन SDM ने कथित तौर पर PESA नियमों का हवाला देकर प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और पदाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। विधायक ने इस घटना को आदिवासी अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा PESA अधिनियम 2022 आदिवासियों के सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया है। ग्राम सभा का निर्णय सर्वोच्च है फिर भी इसे ठुकराना असंवैधानिक है।
PESA नियम 2022 का संदर्भ!
PESA अधिनियम 1996 को 2022 में संशोधित नियमों के माध्यम से मजबूत किया गया जिसमें ग्राम सभाओं को भूमि जल जंगल और सांस्कृतिक मामलों में पूर्ण अधिकार दिए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रतिमा स्थापना ग्राम सभा के सांस्कृतिक अधिकारों के दायरे में आती है बशर्ते यह ग्रामीण संसाधनों पर बोझ न डाले। रतलाम जिले में आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण ऐसी घटनाएं संवेदनशील हो जाती हैं जहां टंट्या भील जैसे नायकों को देवता का दर्जा प्राप्त है।
अनावरण कार्यक्रम की तैयारी और मांगें!
पत्र में विधायक ने 25 जनवरी 2026 को राजापुरा में होने वाले प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम का उल्लेख किया है जिसमें सैकड़ों आदिवासी समुदाय के लोग शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि प्रस्ताव को रिकॉर्ड में लिया जाए और कार्यक्रम के लिए यातायात सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं के आदेश तत्काल जारी किए जाएं। साथ ही, SDM के कथित दुर्व्यवहार की जांच कराने की भी अपील की गई । विधायक डोडियार ने पत्र के अंत में कलेक्टर से तत्काल कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया हैं!





