मोदी के ‘ज्ञान’ मॉडल को मोहन ने बना दिया ‘ज्ञानी’…

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मोदी के ‘ज्ञान’ मॉडल को मोहन ने बना दिया ‘ज्ञानी’…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 18 दिन पहले आम बजट 2026-27 पेश किया था। इस बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस “ज्ञान” मॉडल गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर फोकस रखा गया था, जिसकी चर्चा प्रधानमंत्री कई बार कर चुके हैं। बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा बजट भाषण से लेकर प्रमुख घोषणाओं तक, हर जगह इन वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं और प्रावधानों पर विशेष ज़ोर दिया गया था। किसानों के लिए बढ़ा हुआ आवंटन, महिलाओं के लिए सशक्तिकरण आधारित पहलें, युवाओं के लिए स्किल और रोजगार केंद्रित कदम और गरीबों के लिए समावेशी विकास वाली नीतियां इस बजट में देखने को मिली थीं। तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान मॉडल को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के बजट को ‘ज्ञानी मॉडल’ पर केंद्रित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट 2026-27 को ‘समृद्ध, संपन्न, सुखद और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश’ के विजन से जोड़ा। 4,38,317 करोड़ रूपये का यह बजट ‘ ज्ञानी’- गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री – पर आधारित बताया गया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह प्रदेश का पहला रोलिंग बजट है और लगातार तीसरी बार कोई नया टैक्स नहीं बढ़ाया गया।

हालांकि जैसा हर साल ही होता है, उसी के मुताबिक ही विपक्ष ने बजट को निराशाजनक ही बताया। और सत्ता पक्ष के विधायकों ने बजट को ऐतिहासिक साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मध्य प्रदेश विधानसभा में 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे विकास की नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक साल नहीं, बल्कि अगले दो वर्षों की विकास रूपरेखा तय करने वाला ‘रोलिंग बजट’ है। सरकार ने कृषि के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है, जबकि सड़कों के विस्तार पर 21,630 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ‘द्वारका योजना’ के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम के मुताबिक, राज्य 30% ग्रोथ रेट के साथ आगे बढ़ रहा है और किसी भी तरह का नया टैक्स नहीं लगाया गया है। साथ ही महिला सशक्तिकरण, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण पर भी खास फोकस रखा गया है। तो उन सभी योजनाओं पर भी फोकस रखा गया है जिनमें पीएम शब्द जुड़ा हुआ है। प्रदेश के बजट में 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान हैं। लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सिंहस्थ 2028 के लिए ‘विशेष फंड’ के तहत 3060 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह विश्वास जताया गया है कि ‘देश का तीसरा युवा प्रदेश’ यानि मध्य प्रदेश अब आत्मनिर्भर बनेगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ा और तथ्यात्मक हमला बोलते हुए इसे झूठे आंकड़ों और खोखले वादों का बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश की जनता के साथ छलावा है और जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वित्तमंत्री स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि राजकोषीय घाटा 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक होगा। जब सरकार के पास संसाधन ही नहीं हैं, तो घोषित योजनाओं को पूरा करने के लिए पैसा कहां से आएगा? यह बजट सिर्फ घोषणाओं का पुलिंदा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह बजट विकास का नहीं, भ्रम का दस्तावेज है। इसमें झूठे आंकड़े पेश कर जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई है। प्रदेश की जनता इस छलावे को समझ चुकी है और समय आने पर जवाब देगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि उनका प्राथमिक ध्यान चार “अमृत स्तंभों” पर है, जो उनके लिए चार प्रमुख जातियाँ हैं – गरीब, युवा, महिलाएं और किसान। उनका दृढ़ विश्वास है कि भारत का विकास सीधे तौर पर इन समूहों की उन्नति से जुड़ा है। मध्यप्रदेश के बजट के बाद अब इन चार “अमृत स्तंभों” में दो और स्तंभ जुड़ गए हैं- इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ज्ञान मॉडल’ को ‘ज्ञानी मॉडल’ बनाते हुए दो कदम आगे बढ़ा दिया है…।

 

 

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।