MP Cabinet Decisions: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना 5 वर्ष निरंतर रहेगी जारी, 8 नये वन स्टाप सेंटर खुलेंगे

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MP Cabinet Decisions: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना 5 वर्ष निरंतर रहेगी जारी, 8 नये वन स्टाप सेंटर खुलेंगे

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट बैठक में लिए गए कई अहम निर्णय

भोपाल: मध्यप्रदेश में बेटियों के लिए संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अगले पांच साल तक निरंतर चलती रहेगी। इसके तहत आठ जिलों में नये वन स्टॉप सेंटर खोले जाएंगे। वहीं सागर जिले में 286 करोड़ की लागत से मिडवासा मध्यम सिचाई योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इससे जिले के 27 गांवों में सिचाई हो सकेगी।

प्रदेश में नये चिकित्सा महाविद्यालय संचालित करने के लिए और जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध करने के लिए 1674 करोड़ रुपए की मंजूरी कैबिनेट ने दी।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में आज कई अहम फैसले लिए गए। प्रदेश में संचालित कई योजनाओं को निरंतर जारी रखने के प्रस्तावों को कैबिनेट में मंजूरी प्रदान की गई। जलसंसाधन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार सागर जिले में मिडवासा मध्यम सिचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है। इससे सागर जिले के 27 गांवों में सिचाई की सुविधा मिल सकेगी।

केन्द्र सहायित मिशन शक्ति उपयोजना संबल अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत वन स्टाप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाईन 181 योजना के अगलीे पांच वर्ष तक संचालन की अनुमति दी गई। इस योजना के अंतर्गत मैहर, मउंगंज, पांर्ढुना, धार में मनावर एवं पीथमपुर, इंदौर में लसूड़िया एवं सांवेर, झाबुआ में पेटलावद इस प्रकार आठ नये वन स्टाप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गई।

प्रदेश में सब मिशन आन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन का कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने, प्रदेश के वन पट्टाधारियों के लिए हस्तचलित, बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी पांच सालों हेतु निरंतर संचालन की मंजूरी दी गई। योजना के क्रियान्वयन से फार्म पावर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता से कमी आएगी तथा लागत एवं समय की बचत होगी। नये रोजगार का सृलन होगा और वन पट्टाधारी किसान लाभान्वित होंगे। सबमिशन आन एग्रीकल्चर मैकेनाईजेशन को आगामी पांच वर्षो तक क्रियान्वयन रखने के लिए 2250 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति दी गई।

भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य सेवाएं गैस राहत शत प्रतिशत राज्य वित्त पोषित योजना को सोलहवे वित्त आयोग की अवधि तक पांच साल निरंतर रखे जाने एवं संचालन के लिए 1004 करोड़ 81 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया।

भारत सरकार की मदद से मध्यप्रदेश में नये चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए संचालित कार्यक्रम को अगले पांच वर्ष तक जारी रखने केलए 1674 करोड़ रुपए की मंजूरी कैबिनेट ने दी। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत रसोईयों के मानदेय के भुगतान के लिए अगले पांच वर्षो के लिए 3534 करोड़35 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की गई।

इसी तरह मध्यान्ह भोजन परिषद को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के पांच वर्ष तक संचालन के लिए 19 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बीओटी मार्गो के विकास एवं पर्यवेक्षण को पांच वर्षो तक निरंतर जारी रखने एवं संचालन के लिए 150 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई। बीओटी परियोजना की समाप्ति पर भुगतान हेतु योजना को निरंतर पांच वर्ष जारी रखने के लिए 765 करोड़ रुपए की मंजूरी कैबिनेट ने दी। एन्यूटी भुगतान में होंने वाली व्यय राशि की स्वीकृति की योजना पांच साल तक निरंतर रखने के लिए 4564 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है।

एक अन्य प्रस्ताव में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को बाहय वित्त परियोजना के तहत पांच वर्ष जारी रखने 5322 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है।