
MP Cabinet Decisions: मध्यप्रदेश में नई स्पेसटेक नीति, शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान, उज्जैन शहर आवर्धन योजना के लिए 1133 करोड़
भोपाल: मध्यप्रदेश में नई स्पेसटेक नीति लागू की जाएगी। वहीं शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने और उज्जैन शहर आवर्धन योजना के लिए 1133 करोड़ 67 लाख रुपए की मंजूरी देने का निर्णय भी कैबिनेट में हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट में उज्जैन शहर की आवर्धन योजना के लिए 1133 करोड़ 67 लाख रुपए की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया है। इसमें से सौ करोड़ रुपए नगर पालिक निगम उज्जैन,उज्जैन विकास प्राधिकरण और संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा जल वितरण हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। शेष राशि 1033 करोड़ 67 लाख रुपए सिंहस्थ मद से उपलब्ध कराई जाएगी।
शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षक-सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान एक जुलाई 2023 अथवा इसके बाद की तिथि से पैतीस वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर दिए जाने पर कैबिनेट में चर्चा की गई। एक अन्य प्रस्ताव के तहत प्रथम चरण में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 275 शासकीय विद्यालयों को सांदीपनि विद्यालय के रुप में विकसित किए जाने की स्वीकृति दी गई थी अब द्वितीय चरण में दो सौ सांदीपनि विद्यालय विकसित किए जाने के विभागीय प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई। इस चरण में प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से तेरह सौ होगी। इस परियोजना पर कुल 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
प्रदेश में उपलब्ध 322 औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर औ 31 गीगावाट की बिजली आपूर्ति, उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों आदि संसाधनों और अनुकूल वातावरण को ध्यान में रखते हुए अंतरिक्ष ग्रेड विनिर्माण की संभावनाओं को देखते हुए मध्यप्रदेश में मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति 2026 लागू की जाएगी। इस पॉलिसी पर कैबिनेट में चर्चा की गई। इसके तहत उपग्रह निर्माण, भू स्थानिक विश्लेषण और डाउनस्ट्रीम अनुप्रयोगों जैसे कृषि, आपदा प्रबंधन और शहरी नियोजन में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा जिससे आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी। नवप्रवर्तन और अनुसंधान के अंतर्गत स्पेसटेक उत्कृष्टता केन्द्र और इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित किया जाएगा और राज्य सरकार एक एकीकृत स्पेसटैक उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना की जाए सकेगी। इससे रोजगार बढ़ेगे।
*उर्जा भंडारण परियोजना-*
उर्जा विभाग की
आवश्यकतानुसार सोलर सह चार घंटे तीन सौ मेगावाट विद्युत प्रदाय की सिंगल साइकिल चार्जिंग आधारित उर्जा भंडारण परियोजना मध्यप्रदेश में विकसित की जाएगी। इस परियोजना से राज्य में पीक डिमांड के समय भी सस्ती, स्वच्छ एवं भरोसेमंद विद्युत उपलब्ध हो सकेगी। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा ही परियोजना के अंतर्गत दिन के समय सौर उर्जा से अधिकतम तीन सौ मेगावाट तक विद्युत का रियल टाइम उत्पादन तथा गैर सौर अवधि में चार घंटे तक तीन सौ मेगावाट भंडारित उर्जा की आपर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। एक अन्य प्रस्ताव में रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित परियोजना से दिन के समय सौर उर्जा से तीन सौ मेगावाट तक विद्युत का रियल टाइम उत्पादन और गैर सौर समय में छह घंटे तक तीन सौ मेगावाट भंडारित उर्जा की आपूर्ति हो सकेगी। एक अन्य प्रस्ताव में चौबीस घंटे दो सौ मेगावाट विद्यु प्रदाय की सिंगल साइकिल चार्जिंग आधारित उर्जा भंडारण परियोजना विकसित की जाएगी। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना से ही इसमें अधिकतम दो सौ मेगावाट का दिन के समय और गैर सौर अवधि में चौबीस घंटे दो सौ मेगावाट भंडारित उर्जा की आपूर्ति हो सकेगी।
*सिचाई सुविधाओं का विस्तार-*
राजगढ़ जिले की मोहनपुरा विस्तारीकरण सारंगपुर सिचाई पाियोजना में 396 करोड़ 21 लाख रुपए से 11 हजार 40 हेक्टेयर में सिचाई के प्रस्ताव,रायसेन जिले के सुल्तानपुर उदवहन सिचाई परियोजना में 115 करोड़ 99 लाख रुपए से 57 सौ हेक्टेयर सिचाई, रायसेन जिले की बारना उदवहन सिचाई परियोजना में 386 करोड़ 22 लाख रुपए से पंद्रह हजार हेक्टेयर में सिचाई परियोजना के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
*आबकारी नीति के लिए समिति-*
नई आबकारी नीति के लिए मंत्रिपरिषद समिति बनाने का निर्णय लिया गया।





