एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब तलाकशुदा बेटियों को भी मिलेगा माता-पिता की पेंशन का अधिकार

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एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब तलाकशुदा बेटियों को भी मिलेगा माता-पिता की पेंशन का अधिकार

BHOPAL: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में एक देशव्यापी रूप से उदाहरण बन सकने वाला फैसला लिया गया। कैबिनेट ने तलाकशुदा बेटियों को माता-पिता की पेंशन का अधिकार देने का निर्णय पारित किया है। इस निर्णय के तहत अब वे महिलाएं जो तलाक के बाद आर्थिक रूप से असमर्थ स्थिति में होती हैं, अपने माता-पिता की पेंशन पाने की पात्रता हासिल कर सकेंगी। यह कदम सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

● किसे मिलेगा लाभ और पात्रता की शर्तें

यह पेंशन उन बेटियों को मिलेगी जिनके माता-पिता पेंशन प्राप्त कर रहे हैं या पेंशन सिस्टम से जुड़े रहे हैं और जो तलाक के पश्चात आर्थिक रूप से निर्भर स्थिति में हैं। संबंध विच्छेद के बाद भी यदि महिला पेंशन की पात्रता पूरी करती है तो उसे परिवार पेंशन के रूप में आर्थिक सहायता मिलेगी। पात्रता निर्धारित करने के लिए तलाक के प्रमाण, पेंशन से संबंधित दस्तावेज और आवश्यक सरकारी प्रक्रियाओं को पूरा करना अनिवार्य होगा।

● सरकारी उद्देश्य और सामाजिक प्रभाव

सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि तलाकशुदा महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मानजनक जीवन बिताने में सक्षम हों। राज्य प्रशासन ने माना है कि तलाक के पश्चात अनेक महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और उन्हें इस प्रकार की सहायता की बेहद आवश्यकता होती है। यह निर्णय सामाजिक न्याय और महिलाओं के सशक्तिकरण को विस्तार देने वाला कदम है जिससे हजारों परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा।

● कैबिनेट में हुई चर्चा और निर्णय प्रक्रिया

कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ और इसे मंत्रियों के समर्थन के बाद स्वीकृति मिली। बैठक में पेंशन नीति में संशोधन के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई और तय किया गया कि नियमों में आवश्यक संशोधन कर शीघ्र ही इसे लागू किया जाएगा। इससे पहले पेंशन का लाभ केवल उन dependent बेटियों को मिलता था जो अविवाहित होती थीं, लेकिन अब इसे तलाकशुदा महिलाओं तक विस्तृत किया गया है।

● लाभार्थियों की संख्या और अनुमानित प्रभाव

सरकार ने अनुमान लगाया है कि इस नई नीति से राज्य भर में हजारों तलाकशुदा बेटियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। विशेषकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाली महिलाएँ जहां सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां अधिक हैं, वहां इस पेंशन योजना से उनकी वित्तीय स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार की सम्भावना है। इससे महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जीवन के अन्य आवश्यक चरणों में बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होंगी।

● आगे की प्रक्रिया और समय-सीमा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द पेंशन नियमों में आवश्यक संशोधन करेगा और एक समय-सीमा के भीतर नई नियमावली को लागू किया जाएगा। इसके लिए पेंशन विभाग के साथ जिला स्तर पर awareness कैंपेन भी आयोजित किए जाएंगे ताकि पात्र महिलाओं को आवेदन और पात्रता प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सके।

● समाज और महिला संगठनों की प्रतिक्रिया

महिला कल्याण और सामाजिक न्याय से जुड़े संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे एक प्रगतिशील और समयोचित कदम बताया है। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का मानना है कि इससे न केवल महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी बल्कि समाज में तलाकशुदा महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

अंत में•••

मध्यप्रदेश सरकार का यह निर्णय सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता के क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। तलाकशुदा बेटियों को पेंशन का अधिकार देने से उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक नया दरवाजा खुलेगा और यह नीति राष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रेरणादायक मिसाल बन सकती है।