
MP News: कक्षा पांचवी की छात्रा ने लिखी किताब True Happiness
छतरपुर: जिले के बिजावर न्यायालय में पदस्थ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीनल श्रीवास्तव एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र श्रीवास्तव की पुत्री अद्विका श्रीवास्तव ने True Happiness नामक किताब लिखी है। इसका प्रकाशन ब्रि बुक्स पब्लिकेशन द्वारा किया गया है।
यह प्रकाशन अभी तक भारत और विदेशों के करीब 13 लाख युवा लेखकों की पुस्तक प्रकाशित कर चुका है। जिन्हें विभिन्न प्लेटफार्म पर पूरे विश्व भर में पढ़ा जाता है।
True Happiness नामक किताब में अद्विका ने अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता के साथ समाज के संवेदनशील होने का मैसेज दिया है। जिसका मुख्य मोरल है कि आप किसी को परेशान करके खुद खुश नहीं रह सकते।
पुस्तक में एक चिड़िया की कहानी लिखी गई है। जिसे शुभ माना जाता था। कुछ लोगों ने लालच के चलते उसे अपने कब्जे में ले लिया और विदेश ले जाकर बेचने का प्रयास किया। लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा। इस कहानी को अंग्रेजी के शब्दों की माला में पिरोकर बेहतर तरीके से लिखा गया है। इतनी कम उम्र में इतनी संवेदनशीलता से किताब लिखने पर भोपाल की विवेकानंद लाइब्रेरी में अद्विका की इस पुस्तक ट्रू हैप्पीनेस पुस्तक का फ्लेक्स भी लगाया गया है। साथ ही प्रकाशन संस्थान द्वारा अद्विका को सिल्वर स्टार मेडल भी प्रदान किया गया है।
अद्विका के पिता राघवेंद्र श्रीवास्तव और मां मीनल श्रीवास्तव ने बताया कि अद्विका शुरू से ही रचनात्मकता के साथ कार्य करती है। उसने राजगढ़ और छतरपुर के स्कूलों में अध्यापन किया है। पहले वह कविताएं और कहानियां अपनी कॉपी में ही लिखती थी। फिर उसने ट्रू हैप्पीनेस नामक किताब लिखी और खास बात यह रही कि उसने स्वयं प्रकाशन संस्था के पोर्टल पर उसको अपलोड किया और पुस्तक में प्रकाशित होने वाले चित्रों का कंटेंट भी खुद तैयार किया। उसको लेखन और ड्राइंग में भी रुचि है। प्रकृति से खास लगाव रखने वाली अद्विका अभी अध्यापन के साथ ही और किताब भी लिख रही है।
वहीं नगर के जाने-माने साहित्यकार अजय खरे ने कहा कि अद्विका का शाब्दिक अर्थ अद्वितीय होता है। इतनी कम उम्र में इतनी संवेदनशीलता का लेखन बच्ची के नाम के अनुसार ही अद्वितीय है।





