
MP News: 126 स्थानों पर अवैध निर्माण कर बन गए मैरिज गार्डन,नाला गायब कर बन गए होटल-कॉलेज
भोपाल: मध्यप्रदेश में शासकीय जमीन पर अवैधानिक रुप से अतिक्रमण कर मैरिज गार्डन बनाने का सिलसिला जारी है। प्रदेश में 126 स्थानों पर बने इन मैरिज गार्डन संचालकों को अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस थमाए गए है। इनमें से अधिकांश में तो मैरिज गार्डन संचालकों ने जबाव ही नहीं दिए और अधिकांश मामलों में उन्हें दूसरा नोटिस भी जारी नहीं किया गया। वहीं प्रदेश में जमीनों पर बने नालों को लेआउट में नहीं दिखाया गया और विकास अनुमति में भी इसके लिए निकायों ने शर्ते नहींं लगाई जिसके चलते नालों पर होटल, कॉलेज जैसी व्यवसायिक इमारते खड़ी हो गई।
कैग ने इसको लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए सरकार से जवाब मांगा है। लेखा परीक्षा द्वारा संयुक्त संचालक टीएंड सीपी ग्वालियर के अभिलेखों की जांच में देखा कि 132 मैरिज गार्डन अनाधिक़त रुप से संचालित हो रहे थे। इनमें से 132 को नोटिस जारी कर तीस दिन में अनाधिकृत निर्माण हटाने को कहा था। नोटिस के जरिए यह भी बताया गया कि तीस दिन में अनाधिकृत निर्माण नहीं हटाने पर धारा 37(6)के तहत कार्यवाही की जाना था। पांच विवाह उद्यान स्वामियों ने एक विवाह उद्यान बिना कार्यवाही बंद कर दिया गया। शेष 126 उद्यान स्वामियों को जारी नोटिस में केवल सोलह ने जवाब दिया। 110 विवाह उद्यान स्वामियों से जवाब न मिलने के बावजूद, संयुक्त संचालक टीएंडी सीपी ग्वालियर ने केवल 28 स्वामियों को ही दूसरा नोटिस जारी किया। केवल 27 मैरिज गार्डन उद्यानों ने ग्वालियर नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया था। शेष उद्यानों में अग्नि दुर्घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सका।
भोपाल-इंदौर-ग्वालियर-जबलपुर-उज्जैन में नालों पर कर दिए निर्माण, 37 को नोटिस-
भोपाल में 150, इंदौर में 150, ग्वालियर में 128, जबलपुर में 70, उज्जैन में 36 इ तरह कुल 539 स्थानों पर नदी, नालों में नौ मीटर से पंद्रह मीटर दायरे में ही निर्माण कर दिए गए। जिन प्रकरणों में नाले से खली स्थान रखने की शर्त नहीं लगाई गई या टीएंड सीपी विकास अनुज्ञा के लेआउट में इन्हें नहीं दशाया गया वहां खाली जगह में ग्वालियर में तीन, भोपाल में आठ, इंदौर में एक और उज्जैन में दो पर निर्माण कर दिया गया। नाला, नदी से खाली जगह छोड़ने के मामलों में सात मामलों में से तीन प्रकरणों में न तो विकास अनुज्ञा में कोई शर्त लगाई न ही स्वीकृत ले हाउट में नाला दिखाया गया। भोपाल में कॉलेज, कामर्शियल भवन, आवासीय मल्टी यूनिट, कर्मचारी आवासीय भवन और समूह आवास इकाई बना दी गई।





