
MP News: 5 साल की बिना व्यवधान सेवा पर रोजगार सहायक बन सकेंगे पंचायत सचिव, 50 प्रतिशत कोटा तय
भोपाल: मध्यप्रदेश में पंचायत सचिव के 23 हजार 11 पदों में रिक्त होंने वाले पदों पर भर्ती के लिए राज्य सरकार ने रोजगार सहायकों के लिए पचास प्रतिशत कोटा तय किया है। पांच साल तक बिना किसी व्यवधान के लगातार सफलतापूर्वक सेवा करने वाला रोजगार सहायक अब पंचायत सचिव बन सकेगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत सचिव के भर्ती नियम जारी कर दिए है। केवल ऐसे रोजगार सहायक ही पंचायत सचिव बन पाएंगे जिनके विरुद्ध उनकी नियुक्ति के संबंध में कोई मामला या विवाद लंबित न हो और किसी भी राशि का कोई जुर्माना या वसूली अधिरोपित नहीं की गई हो। पंचायत सचिव के पद पर भर्ती के लिए रोजगार सहायकों को भी मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा संचालित परीक्षा में शामिल होगा ओर भर्ती के लिए नियमों में अन्य प्रक्रियाओं का भी पालन करना होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास संचालनालय हर साल रिक्त पदों पर भर्ती के लिए पंद्रह जनवरी तक कर्मचारी चयन मेंडल को प्रस्ताव भेजेगा। कर्मचारी चयन मंडल पात्रता परीक्षा आयोजित करेगा। परिणाम के आधार पर कर्मचारी चयन मंडल पात्र अभ्यर्थियों की जिलावार और श्रेणीवार योग्यता सूची तैयार करेगा। कर्मचारी चयन मंडल रिक्त पदों की संख्या के पंद्रह प्रतिशत अभ्यर्थियों की एक प्रततीक्षा सूची भी योग्यता सूची के अनुसार तैयार करेगा।योग्य उम्मीदवारों का चयन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा जांच के बाद किया जाएगा।
सभी सचिवों को पंचायत सेवा से संबंधित उन्मुखीकरण एवं आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा। पुरुष पंचायत सचिव को तेरह दिन और महिला सचिव को एक कैलें डर वर्ष में बीस दिन के आकस्मिक अवकाश की पात्रता होगी। प्रसूति अवकाश के रुप में महिला को 180 दिन और पुरुष को पंद्रह दिन का अवकाश मिल सकेगा। पंचायत सचिव 62 वर्ष में सेवानिवृत्त होगा। पंचायत सचिवों को तीन स्तरीय वेतनमान मिलेगा। कार्यभार ग्रहण करने पर दो वर्ष का प्रोबेशन पीरियड रहेगा जिसमें दस हजार वेतन मिलेगा। रोजगार सहायक को पूर्व में मिल रहा मानदेय मिलता रहेगा। दो वर्ष के प्रोबेशन के बाद सातवा वेतनमान मिलेगा जिसमें 19500-62 हजार और दस वर्ष की सेवा पूरी होंने पर 23500 से 80500 वेतनमान मिलेगा।





