MP की राजनीति में भूचाल: कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल के सश्रम कारावास की सजा, जमानत भी मिली

खुद के दांव में ही उलझे विधायक, जानिए सुप्रीम कोर्ट का 'लिली थॉमस' नियम, विधायक की पर गंभीर खतरा

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MP की राजनीति में भूचाल: कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल के सश्रम कारावास की सजा, जमानत भी मिली

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया जब दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुना दी। यह मामला 25 साल पुराने जिला सहकारी बैंक घोटाले से जुड़ा है। कोर्ट ने भारती के साथ सह-आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को भी 3 साल की सजा और 2.5 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है। हालांकि, कोर्ट ने भारती को 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर तत्काल जमानत दे दी है और हाईकोर्ट में अपील के लिए 30 दिन का समय दिया है।

*खुद के दांव में ही उलझे विधायक जी* 

दिलचस्प बात यह है कि यह केस पहले ग्वालियर की एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहा था। राजेंद्र भारती ने खुद सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाकर आरोप लगाया था कि बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के दबाव में केस प्रभावित हो सकता है। उनकी मांग पर ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मुकदमे को दिल्ली ट्रांसफर किया था। बुधवार को कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देकर जेल भेज दिया था, और आज सजा का ऐलान किया।

*इन धाराओं में पाए गए दोषी*

अदालत ने माना कि राजेंद्र भारती ने आपराधिक साजिश रची और बैंक रिकॉर्ड के साथ धोखाधड़ी की। उन्हें निम्नलिखित धाराओं में दोषी पाया गया:

IPC 120B: आपराधिक साजिश

IPC 420: धोखाधड़ी

IPC 467/468/471:

*सुप्रीम कोर्ट का ‘लिली थॉमस’ नियम* 

कानूनी जानकारों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के नियम के अनुसार यदि किसी विधायक को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द मानी जाती है। राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा मिली है, जिसका मतलब है कि उनकी विधानसभा सदस्यता पर अब गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यदि 30 दिनों के भीतर हाईकोर्ट से सजा पर ‘स्टे’ नहीं मिलता, तो दतिया सीट खाली घोषित की जा सकती है।