
MP Tehsildar Arrested:श्योपुर बाढ़ राहत घोटाले में तहसीलदार अमिता सिंह तोमर गिरफ्तार, केबीसी में जीती थी 50 लाख रुपए
श्योपुर: मध्यप्रदेश के श्योपुर से एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। केबीसी में 50 लाख रुपए जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह बाढ़ राहत घोटाले की आरोपी है। बाढ़ की राहत की राशि वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी। अब इस मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है। चर्चित तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया गया है। श्योपुर पुलिस ने तोमर को गुरुवार को गिरफ्तार किया है। अमिता सिंह तोमर ग्वालियर में थीं।
बाढ़ पीड़ितों की राहत राशि में घोटाला
दरअसल, बड़ौदा तहसीलदार रहते हुए अमिता सिंह तोमर ने गड़बड़ी की थी। उन्होंने फर्जीवाड़े के लिए पूरा नेटवर्क खड़ा किया था। जांच में यह बात सामने आई थी कि कई अपात्र और काल्पनिक नामों को मुआवजे दिए गए। वहीं, असल में जो पीड़ित थे, वे मुआवजे से वंचित रह गए। इससे सरकारी खजाने को भी बड़ा नुकसान हुआ।
बड़ौदा थाने में दर्ज है केस

मामले की जांच के बाद तहसीलदार अमिता सिंह तोमर के खिलाफ बड़ौदा थाने में ही केस दर्ज है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज है। अब पार्यप्त साक्ष्य मिले हैं तो पुलिस ने तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया है।
ग्वालियर स्थित घर से गिरफ्तार
अमिता सिंह तोमर श्योपुर जिले के विजयपुर में तहसीलदार पद पर तैनात थीं। बताया जा रहा है कि उन्हें एक दिन पहले ही पद से हटाया था। इसके बाद ग्वालियर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उन्हें श्योपुर न्यायालय में लाकर पेश करेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। केस दर्ज होने के बाद तहसीलदार ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। दोनों जगह से याचिका खारिज हो गई है।
श्योपुर एसपी सुधीर अग्रवाल ने तहसीलदार की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। ऐसे में अटकलें हैं कि अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।





