
हमज़ा की हत्या
– एन के त्रिपाठी

इसी 21 मई को पुलवामा में हुए CRPF पर आतंकवादी हमला करने वालों का मास्टरमाइंड हमज़ा बुरहान की गुरुवार को मुजफ्फराबाद के एक कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस समाचार से बहुत संतोष हुआ।
जम्मू कश्मीर के हिंसक दौर में स्पेशल DG CRPF के रूप में कार्य करने के कारण मेरा कश्मीर और CRPF दोनों से बहुत लगाव है। इसी कारण 14 फ़रवरी, 2019 को पुलवामा की हुई घटना से मैं बहुत व्यथित हुआ था। अगले दिन मैंने नई दुनिया के संपादकीय में लिखा था, “केवल ‘कड़ी निंदा’से काम नहीं चलेगा। अब कठोर रुख अपनाते हुए पाकिस्तान समर्थित आतंक का सफाया करना ही होगा।” संयोगवश 26 फ़रवरी, 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर खैबर पख़्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में आतंकवादियों के एक प्रशिक्षण केन्द्र पर आक्रमण करके कथित रूप से 350 आतंकवादियों को मार गिराया था।

कश्मीर घाटी में श्रीनगर के निकट जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर पुलवामा जिले के अवंतिपुर के पास सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस दु:खद घटना में 42 सुरक्षाकर्मियों की शहादत हो गई। अनेक जवान गंभीर रूप से घायल भी हुए। 50 गाड़ियों से अधिक का यह काफिला सीआरपीएफ के लगभग दो हजार अधिकारियों और जवानों को लेकर जा रहा था। बताया जाता है कि घटनास्थल के पास आतंकवादियों ने अपनी गाड़ी, जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ भरा हुआ था, उसे काफिले में चल रही एक बस से टकराकर विस्फोट किया। इसके प्रत्युत्तर में भारत ने बालाकोट में हवाई आक्रमण किया। भारतीय वायुसेना ने 48 वर्षों के बाद पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर बालाकोट के आतंकी प्रशिक्षण केंद्र पर सटीक आक्रमण किया था।
पुलवामा का मास्टरमाइंड हमज़ा बुरहान के मारे जाने से पहले भी पाकिस्तान में भारत में आतंकवादी घटनाओं को कार्यान्वित करने वाले अथवा संचालित करने वाले अनेक आतंकवादियों की रहस्यमय हत्या हो चुकी हैं। इनमें से कुछ आतंकवादी महत्वपूर्ण कमांडर भी थे। आश्चर्यजनक ढंग से इन सभी हत्याओं में हत्यारे अज्ञात थे। परंतु अब पहली बार पाकिस्तान ने दावा किया है कि हमजा बुरहान की हत्या के मामले में मुजफ्फराबाद के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) ने अब्दुल्ला कमाल नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसमें बहुत संदेह है कि अधिकृत रूप से पाकिस्तान इस हत्या के कारणों को स्पष्ट करेगा। इस हत्या के पीछे किसी का भी हाथ हो परंतु उसकी व्याख्या ISI के संकेत पर ही होगी। भारत भी भारत में वांछित आतंकवादियों की पाकिस्तान में हो रही हत्याओं को यथासंभव रहस्यमय ही बना रहने देना चाहेगा। इन हत्याओं के विषय पर भारत और पाकिस्तान के बीच मतैक्य है।





