

Myanmar Earthquake : म्यांमार के भूकंप के झटकों का असर महीनों तक रहने के आसार, भूकंप की ताकत 300 बमों के बराबर!
New York : एक प्रमुख अमेरिकी भूविज्ञानी जेस फीनिक्स के अनुसार, म्यांमार में लगभग 1700 लोगों की जान लेने वाले 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने 300 से अधिक परमाणु बमों के बराबर ऊर्जा उत्सर्जित की है। भूविज्ञानी जेस फीनिक्स ने बताया कि इस तरह के भूकंप से निकलने वाली शक्ति लगभग 334 परमाणु बमों के बराबर है। फीनिक्स ने यह भी चेतावनी दी कि शुक्रवार को म्यांमार में आए भूकंप के झटके महीनों तक बने रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए होगा। क्योंकि, भारतीय टेक्टोनिक प्लेट म्यांमार के नीचे यूरेशियन प्लेट से टकराती रहती हैं।
म्यांमार में 29 मार्च को आए भूकंप ने न केवल भारी नुकसान किया, बल्कि आने वाले दिनों के लिए भी इसे चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर स्थित था, जिससे इसकी तीव्रता और बढ़ गई। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह केवल एक शुरुआत हो सकती है और आने वाले महीनों में भूकंप के और झटके महसूस किए जा सकते हैं।
म्यांमार में आया भूकंप देश में एक सदी से भी अधिक समय में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप था। हालात ऐसे हैं कि बचाव दल प्रभावित लोगों तक पहुंचने में नाकाम हो रहे हैं। खासतौर पर उन इलाकों में जहां इरावदी नदी पर एक प्रमुख पुल के ढह जाने से संपर्क टूट गया है। माना जा रहा है कि मृतकों की सही संख्या सामने आने में कई सप्ताह लग सकते हैं।
म्यांमार में भूकंप के बाद मलबे में दबी लाशों की भीषण दुर्गंध चारों ओर फैल गई है। महामारी फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है मलबे में दबे लोगों के जीवित मिलने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। भारत से भी कई टीमें म्यांमार में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और घायलों के इलाज के लिए पहुंच चुकी हैं। भारत ने बड़ी मात्रा में राहत सामग्री भी भेजी है।
नमाज पढ़ रहे 700 से ज्यादा मारे गए
म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप की वजह से नमाज पढ़ रहे 700 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इसके अलावा 60 से ज्यादा मस्जिदें भी तबाह हो गई। इस तबाही में मरने वाली संख्या चौथे दिन बढ़कर 1700 से ज्यादा हो गई। म्यांमार की सेना ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सैन्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि 3400 से ज्यादा लोग घायल हैं, जबकि 300 से ज्यादा लापता है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि मस्जिदों में मारे गए लोगों को भूकंप में मारे गए 1,700 से अधिक लोगों की आधिकारिक संख्या में शामिल किया गया है या नहीं।