भारत में कोविड-19 संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 90 हजार के पार, 5000 से अधिक लोगों की मौत

भारत में कोविड-19 संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 90 हजार के पार, 5000 से अधिक लोगों की मौत

मीडियावाला.इन।

देशभर में कोरोना संक्रमण के करीब 8400 नए मामले सामने आने के बाद भारत में कोविड-19 के मरीजों की संख्या एक लाख 90 हजार के पार पहुंच गई, हालांकि ठीक होने वाले भी बढ़े हैं और इनकी संख्या करीब 92,000 हो गई है। वहीं, देश के कई शहरों में लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील दी गई जिससे सड़कों पर यातायात फिर बढ़ गया और कई जगह जाम जैसे हालात भी बन गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज सुबह दिए गए अपडेट में कहा कि रविवार सुबह आठ बजे से 24 घंटे में 230 लोगों की महामारी से मौत हुई जो एक दिन में सबसे ज्यादा है। 

इसके साथ ही देश में महामारी से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 5,394 हो गई। इसके मुताबिक संक्रमण के 8392 नए मामलों के सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 1,90,535 पहुंच गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोरोना ट्रैकर के मुताबिक अमेरिका, ब्राजीन, रूस, ब्रिटेन, स्पेन और इटली के बाद भारत इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित दुनिया का सातवां देश है। पिछले साल दिसंबर में पहली बार चीन में सामने आए इस खतरनाक वायरस से दुनियाभर में करीब 62 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि तीन लाख 72 हजार लोगों की इस महामारी से जान जा चुकी है। 

हालांकि इस बीमारी से अब तक 27 लाख के करीब लोग ठीक भी हो चुके हैं। अब कई देश अपने यहां अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और लोगों की आजीविका सुरक्षित रखने के लिए लागू पाबंदियों में ढील देना शुरू कर चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोविड-19 के इलाजरत मामलों की संख्या 93,322 है जबकि 91,818 लोग इससे ठीक हो चुके हैं। ठीक होने वालों की दर 48.19 प्रतिशत है। वैश्विक आंकड़ों की बात करें तो 43 प्रतिशत लोग अब तक ठीक हो चुके हैं जबकि छह प्रतिशत लोगों की इसकी वजह से जान गई है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में कोविड-19 से ठीक होने की दर में सुधार हो रहा है और मृत्यु दर लगातार कम होकर 2.83 प्रतिशत पर पहुंच गई है। मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 से ठीक होने की दर 15 अप्रैल को 11.42 प्रतिशत से सुधर कर तीन मई को 26.59 प्रतिशत हुई और 18 मई को यह और सुधर कर 38.29 प्रतिशत हो गई। इसमें आगे कहा गया कि भारत में इस महामारी के कारण होने वाली मृत्युदर 2.83 प्रतिशत है जबिक इसकी वैश्विक दर 6.19 प्रतिशत है। भारत में कोविड-19 की मृत्युदर 15 अप्रैल को जहां 3.30 प्रतिशत थी वहीं तीन मई को यह गिरकर 3.25 प्रतिशत हुई जबकि 18 मई को इसमें और गिरावट आई और यह 3.15 प्रतिशत पर आ गई। 

मंत्रालय ने कहा, देश में मृत्युदर के मामले में सतत गिरावट देखी जा सकती है। अपेक्षाकृत कम मृत्युदर की वजह लगातार निगरानी, समय पर मामलों की पहचान और मामलों के नैदानिक प्रबंधन पर ध्यान देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि दुनिया को विकास के 'मानवता केंद्रित' पहलू पर अनिवार्य रूप से अपना ध्यान लगाना चाहिए। बेंगलुरु में राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह को वीडियो के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वैश्वीकरण पर चर्चा अब तक आर्थिक पहलू पर केंद्रित थी लेकिन अब किसी देश द्वारा स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में की जाने वाली प्रगति पहले से कहीं ज्यादा मायने रखती है। 

विभिन्न राज्यों में राजस्थान, पश्चिमबंगाल, असम, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश से ज्यादा मामले सामने आए हैं जबकि वायरस की रोकथाम के लिये लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और संक्रमण की चपेट में आने वालों के इलाज के लिये स्वास्थ्य क्षेत्र के आधारभूत ढांचों को बढ़ाया जा रहा है। एम्स के डॉक्टरों और आईसीएमआर के कोविड-19 शोध समूह के दो सदस्यों समेत स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक समूह ने कहा कि देश के एक बड़े हिस्से या देश की आबादी के एक हिस्से में कोरोना वायरस संक्रमण का सामुदायिक प्रसार स्थापित हो चुका है। 

कम्युनिटी ट्रांसमिशन से सरकार का इनकार

सरकार ने हालांकि दावा किया कि भारत अब तक बीमारी के सामुदायिक चरण के स्तर तक नहीं पहुंचा है। सूत्रों ने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) में वरिष्ठ वैज्ञानिक कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं, जिसके बाद आईसीएमआर की पूरी इमारत को संक्रमण मुक्त किया जा रहा है। मुंबई के निवासी वैज्ञानिक कुछ दिन पहले दिल्ली पहले दिल्ली आए थे और रविवार सुबह उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नाई की दुकानें और सेलून खोलने की घोषणा की, लेकिन स्पा अभी बंद रहेंगे। निषेध क्षेत्रों में 30 जून तक पूरी तरह लॉकडाउन जारी रहेगा।

दिल्ली में लगी पाबंदी में ढील

केजरीवाल ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चार-पहिया, दो-पहिया वाहनों, ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा और अन्य वाहनों में सवार होने वाले लोगों की संख्या को लेकर भी अब कोई पाबंदी नहीं होगी। सरकारी आदेश के अनुसार यदि दुकान के बाहर एक दूसरे से दूरी बनाकर रखने के नियम का पालन नहीं किया जाता है तो अधिकारी उस दुकान को बंद करा सकते हैं। आठ जून से और छूट देने को लेकर, बाद में केन्द्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार नए आदेश जारी किए जाएंगे। केजरीवाल के मुताबिक शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगी सीमाएं एक सप्ताह तक सील रहेंगी। उन्होंने सीमाओं को खोलने को लेकर जनता से शुक्रवार तक सुझाव देने के लिए भी कहा।

हवाई उड़ाने पहले ही हो चुकी हैं शुरू

दिल्ली हवाई अड्डे पर, अधिकारियों ने पार्किंग क्षेत्र के प्रवेश बिंदु पर एक केन्द्र स्थापित किया है ताकि यात्रियों को लेने वहां आने वाली कैब को पूरी तरह से संक्रमण मुक्त किया जा सके। देश में घरेलू उड़ान सेवाएं तो चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन को लॉकडाउन से बाहर निकलने के तीसरे चरण में ही अनुमति दी जाएगी। हालांकि अभी तक इसके लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों को फिर से शुरू करने से पहले महानगरों में पाबंदियों और विभिन्न देशों द्वारा विदेशियों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध जैसे कई मसलों को हल करना होगा।

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