20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू, PM नरेंद्र मोदी के दिग्गज मंत्रियों ने घंटों किया मंथन

20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू, PM नरेंद्र मोदी के दिग्गज मंत्रियों ने घंटों किया मंथन

मीडियावाला.इन।

कोरोना काल में देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित किए गए भारी भरकम पैकेज पर अमल की तैयारी शुरू हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडलीय समूह की बैठक में अन्य मुद्दों के साथ इस बारे में व्यापक चर्चा की गई है।

इस पैकेज को जमीन पर उतारना, मोदी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। सोमवार को सरकार के बड़े मंत्रियों ने इस पर विचार-विमर्श किया है। बैठक में राजनाथ सिंह के साथ गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी, रेल मंत्री पीयूष गोयल और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर आदि मौजूद रहे।

सूत्रों के अनुसार बैठक में राहत पैकज को द्रुत गति से कैसे अमल में लाया जाए, उस पर भी चर्चा की गई। यह भी चर्चा हुई कि राहत पैकेज मंत्रालयों और राज्य सरकारों द्वारा ठीक से सभी स्टॉक होल्डरों के पास पहुंचे, उसको चेक करने की भी व्यवस्था बनेगी।

20 लाख करोड़ रुपए का आत्मनिर्भर भारत पैकेज
आपको बता दें कि कोरोना वायरस संकट को अवसर के रूप में बदलने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से धोषित 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के सामने ब्योरा रखा। रविवार को पैकेज की पांचवी किस्त का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज से किस सेक्टर को कितने रुपए की मदद दी गई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पीएम गरीब कल्याण योजना, जिसके तहत गरीबों को मुफ्त राशन और खाते में नकद मदद दी गई, के जरिए 1.92 लाख करोड़ रुपए की मदद दी गई। इसमें टैक्स छूट की वजह से 7,800 रुपए का राजस्व नुकसान और पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए घोषित 15 हजार करोड़ रुपए भी शामिल हैं।

MSME सेक्टर के लिए सरकार ने खोला खजाना
इसके अलावा एमएसएमई सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ रुपए के बिना गारंटी आसान लोन के रूप में देने की व्यवस्था की गई। कारोबारियों और कर्मचारियों की मदद के लिए ईपीएफ अंशदान के रूप में 2800 करोड़ रुपए की मदद दी गई। ईपीएफ अंशदान में कटौती से 6750 करोड़ रुपए की लिक्विडिटी बढ़ेगी। एनबीएफसी/एचएफसी/ एमएफआई के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की लिक्विडिटी का प्रावधान किया गया। टीडीएस/टीसीएस में 50 हजार रुपए की कटौती की गई। वित्त मंत्री की ओर से घोषित पहले पैकेज में कुल 5 लाख 94 हजार 550 रुपए की मदद का ऐलान किया गया।

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