कांग्रेस के दावों को सेना ने फिर किया खारिज, कहा- 2016 में हुई थी पहली सर्जिकल स्ट्राइक

कांग्रेस के दावों को सेना ने फिर किया खारिज, कहा- 2016 में हुई थी पहली सर्जिकल स्ट्राइक

मीडियावाला.इन। लोकसभा चुनाव में छाए रहे सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भारतीय सेना एक बार फिर आमने-सामने है. सेना ने कांग्रेस के शासन काल में हुए सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को एक बार फिर से खारिज कर दिया है. भारतीय सेना के सैन्य अभियान महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने सोमवार को एक बार फिर दोहराया कि पहली सर्जिकल स्ट्राइक 2016 में उरी अटैक के बाद हुई थी.

लेफ्टिनेंट सिंह ने ये भी कहा, 'कुछ दिनों पहले डीजीएमओ ने एक RTI के जवाब में कहा था कि पहली सर्जिकल स्ट्राइक 16 सितंबर को हुई थी. मैं इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहता कि राजनीतिक दल क्या कहते हैं? उन्हें सरकार की ओर से इस पर जवाब दिया जाएगा. मैंने आपको जो बताया है वह तथ्य है.'

लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा है कि बालाकोट में आतंकियों के बुनियादी ढांचे पर भारतीय वायुसेना द्वारा किया गया हवाई हमला (एयर स्ट्राइक) एक बड़ी उपलब्धि थी. हमारे विमान दुश्मन के इलाके में गहराई तक चले गए और आतंकी लॉन्च पैड तक घुस गए. पाकिस्तानियों ने अगले दिन हवाई कार्रवाई की. हालांकि, उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया गया.


दरअसल, जम्मू के रहने वाले रोहित चौधरी ने सूचना के अधिकार (RTI) के मुताबिक, 2004 से लेकर 2014 तक हुए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में जानकारी मांगी थी. रोहित चौधरी ने आरटीआई में कहा कि कांग्रेस लोगों के सामने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर झूठ बोल रही है. यूपीए के कार्यकाल में किसी भी तरह की कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई थी.



बता दें कि कांग्रेस ने इसके पहले दावा किया था कि यूपीए सरकार के दौरान 6 सर्जिकल स्ट्राइक हुए थे. लेकिन, रक्षा मंत्रालय ने कांग्रेस के इन दावों को खारिज कर दिया था. मंत्रालय के अनुसार 2016 से पहले भारतीय सेना के पास सर्जिकल स्ट्राइक के कोई सबूत नहीं हैं.

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