रात 1.31 बजे चंद्रग्रहण लगा, भुवनेश्‍वर और दिल्‍ली में देखा गया

रात 1.31 बजे चंद्रग्रहण लगा, भुवनेश्‍वर और दिल्‍ली में देखा गया

मीडियावाला.इन।

मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। रात की 1 बजकर 31 मिनट पर चंद्रग्रहण की शुरुआत हो गई। ग्रहण की सबसे पहली झलक क्रोएशिया में देखी गई। इसके बाद यह आस्‍ट्रेलिया में देखा गया। ओडिशा में यह आंशिक चंद्रग्रहण भुवनेश्वर के आसमान में देखा गया। इस ग्रहण को अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका के क्षेत्रों में देखा जा सकता है। यह 2019 का आखिरी चंद्रग्रहण है।

हरिद्वार में ग्रहण काल लगते ही गंगा घाट कीर्तन शुरू हो गया था। यहां लोग ध्‍यान एवं आसन की मुद्रा में बैठे हुए थे। कई लोग यहां दूरदराज से आए और पूर्ण विधि-विधान से ग्रहण काल के अनुष्‍ठान में शामिल हुए।

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Delhi: Partial , as seen in the cloudy skies of Delhi. The partial eclipse began at 1.31 AM.

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01:57 - 17 Jul 2019

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इसकी अवधि 2.59 घंटे थी। यह साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण भी था। प्रयाग स्थित संगम में बड़ी संख्‍या में लोग रात में स्‍नान करने आए। लोगों ने कहा कि वे अपनी धार्मिक मान्‍यताओं के चलते ग्रहण काल में स्‍नान करने आए हैं।

 

 

 

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Odisha: Partial , as seen in the skies of Bhubaneswar. The eclipse can be witnessed in regions of Africa, Asia, Australia, Europe, and South America. This is the last lunar eclipse of 2019.

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01:42 - 17 Jul 2019

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चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण से ठीक 9 घंटे पहले यानी कि शाम 4:30 बजे से लग चुका था। इसके चलते मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। चंद्र ग्रहण भारत समेत ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी तथा दक्षिणी अमेरिका के ज्यादातर भाग में दिखाई दिया।

 

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Partial , as seen in the skies of Delhi. The partial eclipse which began at 1.31 AM, is the last lunar eclipse of 2019.

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01:46 - 17 Jul 2019

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मंदिरों के पट दूसरे दिन बुधवार सुबह खुलेंगे। इस स्थिति में गुरु पूर्णिमा को होने वाले पूजन भी शाम चार बजे के पहले ही हो सकेंगे।

 

149 साल बाद बना है दुर्लभ संयोग

इस बार 149 साल बाद एक विशेष संयोग बन रहा है।गुरु पूर्णिमा के दिन ही चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा। ग्रहों की दृष्टि से बात करें, तो 149 साल पहले की तरह ही इस बार भी शनि, केतु और चंद्र धनु राशि में बैठे होंगे। राहु, सूर्य और शुक्र मिथुन राशि में बैठे होंगे।

सूर्य और चंद्रमा के बीच जब पृथ्वी आ जाती है और चंद्रमा पर पृथ्वी छाया पड़ने लगती है, तो इसे चंद्र ग्रहण कहते हैं।

एशियाई देशों में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, सिंगापुर, फिलिपींस, मलेशिया और इंडोनेशिया के साथ ईरान, इराक, तुर्की और सऊदी अरब में भी इसे देखा गया।

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