Saturday, December 14, 2019
इकलौते बेटे की शहादत: शहीद मेजर केतन शर्मा का पार्थिव शरीर आज तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचेगा

इकलौते बेटे की शहादत: शहीद मेजर केतन शर्मा का पार्थिव शरीर आज तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचेगा

मीडियावाला.इन।सोमवार शाम 4:30 बजे का समय था। कंकरखेड़ा के श्रद्घापुरी सेक्टर-4 निवासी रविंद्र शर्मा पत्नी ऊषा के साथ घर पर थे। आसपास के कुछ लोग अपने घरों से बाहर थे। तभी आर्मी की एक गाड़ी पहुंचती है। आसपास के लोगों से पूछती है कि मेजर केतन शर्मा का मकान कौन सा है। इन जवानों के चेहरे पर एक खामोशी सी थी। पड़ोस के लोग इशारा करके बताते हैं कि यह मकान मेजर केतन शर्मा का है। उनके माता-पिता इस समय घर पर ही हैं। जवान अंदर पहुंचते हैं। रविंद्र शर्मा कहते हैं कि आइए.. अंदर आइए। आर्मी के जवान पूछते हैं कि आप केतन शर्मा के पिता हैं... यह सुनते ही रविंद्र शर्मा चुप्पी साध जाते हैं। तभी आर्मी के जवान लौट जाते हैं।

शहीद के घर पहुंचे विधायक

मेजर केतन शर्मा के पिता रविंद्र शर्मा ने बताया कि करीब 35 साल पूर्व कंकरखेड़ा आए थे तो पहले आर्मी कैंट एरिया में कासमपुर में रहते थे। यहीं पर केतन व मेघा दोनों बच्चों ने जन्म लिया। पास में ही सेना के जवानों व अफसरों का आना-जाना रहता था। केतन बचपन में खेलते समय जब भी किसी जवान या अफसर को उधर से आते-जाते देखते थे तो उन्हें सैल्यूट करते थे। उन्होंने उसी समय ठान लिया था कि वह भी एक दिन सेना में अफसर बनेंगे ।कंकरखेड़ा की अशोका एकेडमी में 9वीं तक पढ़ाई करने के बाद केतन का दाखिला मेरठ पब्लिक स्कूल की मेन ब्रांच में कक्षा 10 में कराया गया था। यहां 10वीं व 12वीं में वे फर्स्ट रहे। यहां भी कैंट एरिया में सेना के अफसरों को देखते थे।शाम 5:05 बजे फिर से आर्मी अफसर पहुंचते हैं और मेजर केतन शर्मा के पिता से बात करते हैं। उन्हें धीमे स्वर में बताया जाता है कि मेजर केतन शर्मा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में शहीद हो गए हैं। इकलौते बेटे की शहादत की खबर सुनकर पिता रविंद्र शर्मा की आंखें भर आती है। सीने पर भारी बोझ लिए वह जमीन पर बैठ जाते हैं। कुछ कहना चाहते हैं। लेकिन गला रुंध जाता है। मेजर केतन की इस शहादत के बारे में उनकी मां को नहीं बताया गया। यही बताया गया कि केतन को चोट लगी है और वह ठीक हैं। उन्हें दिल्ली लाया जा रहा है।माहौल हुआ गमगीन, सांत्वना देने पहुंचे

केतन के पिता ढांढस बंधाते विधायक

 

पता नहीं उसे कितनी चोट लगी है
शाम से ही मां का रो-रोकर बुरा हाल था। मां ऊषा कहती हैं कि शाम से आर्मी वाले आ रहे हैं। मेरे बेटे केतन से मेरी बात तो करवा दो। मेरा इकलौता लाल, पता नहीं उसे कितनी चोट लगी है। मेरा मन नहीं मान रहा। मेरी आंखें सूख चुकी हैं। कोई है जो मेरे बेटे से बात करवा दे। इस बीच आर्मी अफसर कहते हैं कि माताजी, केतन शर्मा ठीक हैं। उन्हें दिल्ली लाया जा रहा है। उन्हें चोट लगी है, वैसी कोई बात नहीं है। ऊषा फिर रोने लगती हैं। तभी आर्मी के एक अफसर ने कहा कि मुझे भी बेटा समझो। मैं तो आपका बेटा हूं। बात करवा देंगे। आप यकीन तो करो कि मेजर केतन ठीक हैं।तभी ऊषा शर्मा बेटे मेजर केतन शर्मा के मित्र मेजर आदित्य मलिक को आवाज लगाकर बुलाती हैं कि यह आदित्य भी मेरा बेटा है। केतन के साथ भर्ती हुआ और ट्रेनिंग की है। मेजर आदित्य भी कहते हैं कि वह ठीक हैं। वहां मोबाइल काम नहीं कर रहे हैं। प्लेन से दिल्ली लाया जा रहा हैं। मैं कल सुबह (मंगलवार) को बात करा दूंगा।

 

केतन के घर के बाहर आर्मी अफसप


कुछ ही पलों में आसपास का माहौल गमगीन हो गया। आसपास के लोग भी शहादत की खबर सुनकर भावुक हो गए। घर के बाहर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में डीएम अनिल ढींगरा, कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और एसडीएम कमलेश गोयल भी सांत्वना देने पहुंच गए। डीएम को देखकर मेजर के पिता की आंखें भर आईं। रविंद्र शर्मा के घर के बराबर में ही बड़े भाई अशोक शर्मा भी रहते हैं। उन्हें यह सूचना मिली तो वह बिलख पड़े।

केतन शर्मा और पत्नी व बिटिया

केतन व उनकी पत्नी

केतन ने परिजनों से साफ कह दिया था कि मुझे आर्मी अफसर बनना है। केतन ने सरूरपुर के संजय डिग्री कॉलेज से बीएससी की। उसके बाद दो साल तक गुरुग्राम में एक प्राईवेट कंपनी में जॉब भी की। लेकिन उसमें मन नहीं लगा और जॉब छोड़ दी

केतन व उनकी पत्नी

साल 2011 में वे आईएमए देहरादून में भर्ती हुए। पासिंग आउट परेड के बाद साढ़े तीन साल पुणे में ट्रेनिंग हुई। फिर मेरठ की 57 इंजीनियर रेजीमेंट में पोस्टिंग हुई। मेरठ में कुछ दिन ही रहे। वर्तमान में जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में मेजर पद पर तैनात थे।पिता रविंद्र शर्मा ने बताया कि बेटे केतन ने ठान लिया था कि उसे सेना में अफसर ही बनना है। उसके इरादे व हौसला देखकर उन्होंने उसे कभी रोका नहीं और जितना हो सका सपोर्ट किया। उन्हें खुद को नहीं पता कि वह कब सेना में अफसर बन गया। चयन हुआ तो केतन ने फोन करके उन्हें बताया था कि वह अफसर बन गया। सुनकर परिवार के लोग बहुत खुश हुए थे।

आज दिल्ली लाया जाएगा पार्थिव शरीर
एक अधिकारी ने बताया कि शहीद मेजर केतन शर्मा का पार्थिव शरीर जम्मू से मंगलवार सुबह 11 बजे प्लेन से दिल्ली लाया जाएगा। दिल्ली से आर्मी अधिकारी पार्थिव शरीर को घर पर लेकर आएंगे। डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।

 

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