बाटला हाउस फ्लैट नंबर-108, 12 साल बाद भी कहते हैं पड़ोसी- इस बारे में कोई बात नहीं करेगा

बाटला हाउस फ्लैट नंबर-108, 12 साल बाद भी कहते हैं पड़ोसी- इस बारे में कोई बात नहीं करेगा

मीडियावाला.इन।

दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर  में शहीद इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा की 12वीं पुण्यतिथि में उन्हें याद किया गया. दरअसल दिल्ली बाटला हाउस में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा घायल हो गए थे. इलाज के दौरान 19 सितंबर 2008 को उनकी मृत्यु हो गई थी. बाटला हाउस एनकाउंटर को इतने सालों बाद भी देशवासी भूल नहीं पाए हैं. वहीं बाटला हाउस निवासी आज भी उस घटना को याद करने से कतराते हैं.

IANS के मुताबिक, बाटला हाउस एल ब्लॉक में रेस्टोरेंट के मालिक ने बताया, "अभी तो यहां सब कुछ नॉर्मल है. सुबह का वक्त था और रमजान का महीना था. मेरा एक कारीगर आया और बोला रिफाइंड तेल खत्म हो गया है, जैसे ही मैं अपने घर से गली में आया, तो अचानक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दीं. मैं कुछ समझ नहीं पाया कि आखिर हुआ क्या?"

इलाके में बन गया था दहशत का माहौल

उन्होंने बताया कि आसपास के इलाके की सारी दुकानें बंद होना शुरू हो गई थीं. देखते ही देखते इलाके में दहशत का माहौल बन गया. उस हादसे के बाद इलाका बदनाम भी हुआ. उस वक्त यहां स्टूडेंट्स रहते थे. सब अपने-अपने घर चले गए. किसी के माता-पिता ने बच्चों को वापस नहीं भेजा. उन्होंने कहा, "सालभर इस इलाके में खामोशी रही, उस हादसे के बाद मेरा कारोबार तक ठप हो गया था."

'इस बारे में कोई बात नहीं करेगा'

बाटला हाउस के L-18 में रहने वाले एक शख्स ने कहा, "इस बारे में कोई बात नहीं करेगा, आज भी हर किसी को सब कुछ याद है. मैं हाल ही में इस मकान में शिफ्ट हुआ हूं. मुझसे आज भी मेरे रिश्तेदार पूछते हैं." उन्होंने बताया, "मैं जब भी एयरपोर्ट जाता हूं तो चेकिंग के दौरान जब वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी मेरा पता देखते हैं, तो मुझे एक बार और देखते हैं और बस इशारों में पूछते हैं कि क्या यह वही मकान है?"

उन्होंने बताया, "मुझे नहीं लगता कि इस फ्लैट में उस वक्त से कोई रह रहा है. मुझे कुछ साल हो गए यहां, मैंने आज तक किसी को नहीं देखा. शायद किसी ने अब तक इस फ्लैट को खोला ही नहीं. फ्लैट के सामने एक फैमली रहती है, लेकिन वो भी शायद अभी नहीं है."

बम ब्लास्ट में इंडियन मुजाहिद्दीन का था हाथ

दरअसल, 13 सितंबर 2008 को दिल्ली के करोल बाग, कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और ग्रेटर कैलाश में हुए सीरियल बम ब्लास्ट  में 26 लोग मारे गए थे, जबकि 133 जख्मी हुए थे. दिल्ली पुलिस ने उस वक्त जांच में पाया था कि बम ब्लास्ट को आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन  ने अंजाम दिया था.

19 सितंबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि इंडियन मुजाहिद्दीन के पांच आतंकी बाटला हाउस के एक फ्लैट में किराए पर मकान लेकर रह रहे हैं.

एनकाउंटर में मारे गए थे 2 आतंकी

19 सितंबर 2008 की सुबह इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा  आतंकियों को पकड़ने के लिए टीम लेकर बाटला हाउस में बिल्डिंग नंबर L-18 के फ्लैट नंबर 108 में पहुंचे. उसी वक्त आतंकियों के साथ मुठभेड़ में उन्हें तीन गोलियां लग गईं. बाद में इलाज के दौरान उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया था. इस दौरान दो आतंकियों को मार गिराया गया था. 

TV9 भारतवर्ष

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