इशरत जहां एनकाउंटर केस में डीजी वंजारा और एनके अमीन बरी

इशरत जहां एनकाउंटर केस में डीजी वंजारा और एनके अमीन बरी

मीडियावाला.इन।

इशरत जहां एनकाउंटर केस में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व पुलिस अधिकारियों डीजी वंजारा और एनके अमीन को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. कोर्ट ने 30 अप्रैल को इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस फैसले के बाद वंजारा का पक्ष रखने वाले विनोद गज्जर ने कहा, ''कोर्ट के आदेश से पता चलता है कि यह एनकाउंटर वास्तविक था.''

वंजारा और अमीन ने इशरत जहां एनकाउंटर केस से खुद को डिस्चार्ज किए जाने की मांग के साथ इस साल 26 मार्च को याचिकाएं दाखिल की थीं.

वंजारा और अमीन के खिलाफ क्या थे आरोप?

इशरत जहां एनकाउंटर केस में वंजारा और अमीन को सीबीआई ने साजिश रचने, अवैध रूप से बंधक बनाने और हत्या का आरोपी बनाया था. इस केस में पूर्व गुजरात पुलिस चीफ पीपी पांडे को पिछले साल बरी कर दिया गया था. उन्होंने साल 2015 में जमानत मिलने से पहले 19 महीने जेल में बिताए थे.

सीबीआई ने साल 2013 में अपनी पहली चार्जशीट में पीपी पांडे, डीजी वंजारा और जीएल सिंघल सहित गुजरात पुलिस के 7 अधिकारियों को आरोपी बनाया था.

क्या था एनकाउंटर को लेकर गुजरात पुलिस का दावा?

गुजरात पुलिस के मुताबिक, साल 2004 में उसने अहमदाबाद के पास 19 साल की इशरत जहां सहित 4 लोगों का एनकाउंटर किया था. पुलिस ने दावा किया था कि ये सभी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे और तत्कालीन गुजरात सीएम नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश बना रहे थे. हालांकि कुछ समय बाद ही इस एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे थे.

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