गुजरात के कुछ और भागों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों, ओडिशा और समूचे पश्चिम बंगाल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल

गुजरात के कुछ और भागों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों, ओडिशा और समूचे पश्चिम बंगाल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल

मीडियावाला.इन।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र (आईएमडी) के अनुसार:

(विज्ञप्ति जारी करने का समय: 16:30आईएसटी,बृहस्पतिवार 10 जून 2021)

सम्पूर्ण भारत का मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन (शाम):

  • दक्षिण पश्चिम मॉनसून दक्षिण गुजरात क्षेत्र के कुछ और हिस्सों, महाराष्ट्र के शेष हिस्सों, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश, दक्षिण मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा, मध्य बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों में आज 10 जून, 2021 को मॉनसून आगे बढ़ गया।
  • मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) इस समय 20.0° उत्तरी अक्षांश/ 60° पूर्वी देशांतर, 20.5° उत्तरी अक्षांश/ 70° पूर्वी देशांतर, सूरत, नंदुरबार, बेतुल, मंडला, बिलासपुर, बोलंगीर और पुरी, 22.5° उत्तरी अक्षांश/ 89.5° पूर्वी देशांतर, 24° उत्तरी अक्षांश /89.5° पूर्वी देशांतरऔर बागडोगरा तक पहुँच गई है।
  • आगामी 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिसा के बाकी भागों, सम्पूर्ण पश्चिम बंगाल और झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तथा उत्तरी बंगाल की खाड़ी के सभी क्षेत्रों में पहुँचने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं।
  • उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर अगले 24 घंटों के दौरान एक निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। यह मॉनसून सिस्टम 24 घंटों के बाद और सशक्त हो सकता है। इसके पश्चिमी तथा उत्तर-पश्चिमी दिशा में ओडिशा की तरफ बढ़ने के आसार हैं।
  • उत्तरी पंजाब से दक्षिणी हरियाणा, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, मध्य झारखंड, उत्तरी ओडिशा से होते हुए बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी भागों के बीच एक ट्रफ बना हुआ है।
  • समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
  • उत्तरी महाराष्ट्र के तटीय भागों से उत्तरी केरल के तटीय हिस्सों के बीच एक ट्रफ रेखा बनी है।
  • अरब सागर के मध्य भागों के ऊपर 3.1 किमी ऊंचाई से लेकर 5.8 किमी की ऊंचाई के बीच एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना है।
  • अरब सागर के मध्य भागों पर बने इस सर्कुलेशन से 3.1 किमी ऊंचाई से लेकर 5.8 किमी की ऊंचाई के बीच एक ट्रफ बनी हुई है।
  • पाकिस्तान के मध्य भागों और इससे सटे हिस्सों पर समुद्र तल से 1.5 किमी और 2.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
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