कश्मीर से लेकर हिमाचल तक ठिठुरन, चारों तरफ बिछी बर्फ की चादर

कश्मीर से लेकर हिमाचल तक ठिठुरन, चारों तरफ बिछी बर्फ की चादर

मीडियावाला.इन।

  • जम्मू-कश्मीर में डोडा से लेकर बारामुला तक हिमपात, हाइवे पर वाहनों की आवाजाही बंद
  • बर्फबारी के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त, शिमला में फंसे पर्यटक, 100 लोग बचाए गए

 

उत्तर भारत के कई पर्वतीय इलाके बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। लेकिन मौसम के बर्फीले होने के कारण आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में हुई बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। भारी बर्फबारी के बाद यहां के राष्ट्रीय राजमार्ग को फिर से बंद कर दिया गया है। इस कारण कई वाहनों का संचालन रुक गया है। यातायात विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बर्फबारी के बाद जवाहर सुरंग के दोनों तरफ राजमार्ग पर बर्फ जमा हो गई है। साथ ही हाइवे पर सड़कें बर्फ से लदी पड़ी हैं, जिले हटाने के काम में भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। वहीं श्रीनगर एयरपोर्ट पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा है, इसके कारण विमानों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उत्तराखंड के चमोली में स्कूल बंद

उत्तराखंड में भारी बर्फबारी से सब कुछ ठप हो गया है। भारी बारिश और बर्फबारी के कारण यहां के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई सड़कें और राजमार्ग शनिवार को अवरूद्ध हो गए। रोजमर्रा के काम पर असर पड़ने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। पहाड़ों पर जबरदस्त बर्फबारी को देखते हुए चमोली जिले में प्रशासन ने एक दिन स्कूल बंद रखा। सड़कों पर जेसीबी मशीनों की मदद से बर्फ को हटाने का काम चल रहा है।

शिमला में फंसे पर्यटकों को बचाया गया हिमाचल प्रदेश में शिमला के धल्ली और चार्रा क्षेत्र के पास 100 से अधिक लोगों को बचाया गया है। लगातार हो रही बर्फबारी की वजह से फंस गए थे। इनमें अधिकतर पर्यटक हैं।

डलहौजी में सबसे अधिक बर्फबारी

मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग समेत अन्य इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के शिमला, लाहौल-स्पीति और मनाली में भारी बर्फबारी होने के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार शाम 5.30 बजे से लेकर शनिवार सुबह 8.30 बजे के बीच डलहौजी में सबसे ज्यादा 60, कुफरी में 20, मनाली में 10 और शिमला में 8 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है। लाहौल-स्पीति के प्रशासनिक केंद्र केलॉन्ग और किन्नौर के कालपा में 13 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है।
 

पहली बार प्राकृतिक कारणों से विधानसभा की कार्यवाही में देरी हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन की कार्यवाही आधा घंटा देरी से शुरू हुई। विधानसभा स्पीकर डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि पहली बार प्राकृतिक कारणों के चलते सदन आधा घंटा देरी से शुरू हुआ है। बर्फबारी के चलते कांग्रेसी विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू, मोहन लाल ब्राक्टा, लखविंदर सिंह राणा के साथ अन्य लोग फंसे हुए थे। सूचना मिलते ही प्रशासन की मदद से वे सभी विधानसभा पहुंचे।

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