कोरोना वायरस प्रभाव: बिजली की अधिकतम मांग 22 प्रतिशत घटी, लॉकडाउन से आई भारी कमी

कोरोना वायरस प्रभाव: बिजली की अधिकतम मांग 22 प्रतिशत घटी, लॉकडाउन से आई भारी कमी

मीडियावाला.इन।

देश में बिजली की अधिकतम मांग में बुधवार को करीब 22 प्रतिशत की कमी आई और यह 1,27,960 मेगावाट रह गई जो 20 मार्च को 1,63,720 मेगावाट थी। बिजली की मांग में कमी कोरोना महामारी के बीच 'लॉकडाउन' के प्रभाव को बताती है। वास्तविक रूप से देखा जाए तो एक सप्ताह में बिजली मांग में करीब 35,000 मेगावाट की कमी आई है। बिजली की अधिकतम मांग में कमी का कारण उद्योग और राज्य बिजली वितरण कंपनियों की तरफ से मांग का कम होना है।

इसकी वजह देशव्यापी लॉकडाउन के कारण वाणज्यिक प्रतिष्ठानों और उद्योग में कामकाज का पूरी तरह ठप होना है। सरकार ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए 21 दिन के 'लॉकडाउन' की घोषणा की है। मांग में कमी के कारण इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में बुधवार की आपूर्ति के लिए बिजली दर तीन साल के न्यूनतम स्तर 60 पैसे प्रति यूनिट पर आ गई।

बता दें कि आज देश में कोरोना वायरस के 42 नए मामले सामने आए और मरीजों की संख्या बढ़कर 649 हो गई। अभीतक देश में कोरोना वायरस 14 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में अभीतक 125 मामले आ चुके हैं सामने आ चुके हैं जोकि देश में सबसे ज्यादा हैं।

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