सोने से भी कीमती होती है व्हेल की उल्टी, इसे पाने वाला इंसान रातों रात बन सकती है करोड़पति, जानिए क्या है कारण

सोने से भी कीमती होती है व्हेल की उल्टी, इसे पाने वाला इंसान रातों रात बन सकती है करोड़पति, जानिए क्या है कारण

मीडियावाला.इन।

कभी-कभी लोगों के हाथों में कुछ ऐसा लग जाता है जो उनकी पूरी किस्मत ही बदल देता है और एक झटके में आगमी अमीर बन जाता है. ताइवान में एक व्यक्ति के साथ भी ऐसा ही हुआ. इस व्यक्ति को एक सूनसान टापू पर घूमने के दौरान एक अजीब से चीज मिली. देखने में यह किसी गोबर जैसी लग रही थी, लेकिन इससे अच्छी खुशबू आ रही थी. जिज्ञासावश व्यक्ति इस चीज को अपने साथ लेकर अपने घर आ गया. बाद में काफी खोजबीन के बाद इस व्यक्ति को पता चला कि उसके हाथ जो गोबरनुमा चीज लगी है वो तो असल में खजाना हैं जो बाद में 210,000 डॉलर करीब 1.5 करोड़ रुपए में बिकी.

दरअसल, यह गोबरनुमा चीज व्हेल की उल्टी थी. इस मामले में ताइवान न्यूज ने एक रिपोर्ट भी छपी थी. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर व्हेल की उल्टी में ऐसा क्या होता है जो उसकी कीमत सोने से भी ज्यादा होती है.

व्हेल के शरीर से निकलने वाले इस अपशिष्ट को वैज्ञानिक भाषा में एम्बरग्रीस कहा जाता है. इसको लेकर वैज्ञानिकों की एक राय नहीं है. वैज्ञानिकों का मानना है कि व्हेल कई बार मल के रूप में इसे अपने शरीर से बाहर करती हैं तो इस बार इसका आकार इतना बड़ा होता है कि वो उसे उल्टी के जरिए अपने शरीर से बाहर करती है. एम्बरग्रीस व्हेल की आंतों से निकलता है और इसका रंग कई बार काले या स्लेटी रंग का होता है. यह ठोस होता है और मोम जैसा ज्वलनशील भी. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह पदार्थ व्हेल के शरीर के अंदर उसकी रक्षा करता है.

व्हेल आकार में काफी बड़ी होती हैं ऐसे में वो समुद्र तट से काफी दूरी बनाकर रखती है. ऐसे में जब व्हेल अपने शरीर से इस अपशिष्ट को छोड़ती हैं तो इसे तट तक आने में सालों लग जाते हैं. इस दौरान समुद्र के नमकीन पानी और सूरज की रोशनी के कारण यह एम्बरग्रीस भूरी गाठ में बदल जाता है.

एम्बरग्रीस का इस्तेमाल परफ्यूम बनाने में किया जाता है. एम्बरग्रीस से बने परफ्यूम की खुशबु काफी लंबे समय तक बनी रहती है. ऐसे में वैज्ञानिक इसे तैरता सोना भी कहतें हैं. एम्बरग्रीस का वजन करीब 15 ग्राम से 50 किलो तक हो सकता है. एम्बरग्रीस से बने परफ्यूम का प्रयोग दुनिया के कई देशों में किया जाता है. इतना ही नहीं यूरोप में ब्लैक एज के दौरान लोग एम्बरग्रीस के टुकड़े को अपने साथ रखते थे. माना जाता था कि ऐसा करने से एम्बरग्रीस की सुगंध, हवा में मौजूद गंध को ढक लेती है और इससे प्लेग फैलने से रोकने में आसानी होती है.

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