आस्था और श्रद्धा के आगे कोरोना बेअसर, भंडारे से निकली कुल पांच करोड़ से भी अधिक की राशि

आस्था और श्रद्धा के आगे कोरोना बेअसर, भंडारे से निकली कुल पांच करोड़ से भी अधिक की राशि

मीडियावाला.इन।

चितौड़गढ़। देश में जहां एक और कोरोना अपना पैर पसार रहा है वहीं, लॉक डाउन में कई महीने मंदिर बन्द होने के बावजूद भी लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं आई। या यूं कह ले कि लोगों की आस्था और भक्ति के आगे कोरोना संक्रमण भी बेअसर रहा। ऐसा कुछ देखने को मिला जिले के मंडफिया स्थित प्रख्यात कृष्ण धाम भगवान श्री सांवलिया सेठ के मंदिर में।

श्री सांवलिया सेठ का मंदिर कई महीनों तक बन्द रहा लेकिन मंदिर के खुलने के बाद लोग पूरे जोश और उत्साह के साथ भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए आते रहे। पौष अमावस्या पर जब मंदिर का भंडार खोला गया तो उसमें पिछले साल की तुलना में कई अधिक दान की राशि व आभूषण मिले। जबकि मंदिर को हर रविवार को व कई महत्वपूर्ण दिनों में बंद रखा गया था। यदि उन दिनों में भी श्रद्धालुओं के लिए दर्शन मुमकिन होता तो राशि की संख्या कई अधिक बढ़ कर होती।

जानकारी के अनुसार श्री सांवलिया सेठ के मंदिर में पौष अमावस्या के अवसर पर खोले गए भंडारे की राशि दूसरे दिन भी जारी रही। दूसरे दिन 98 लाख 81 हजार 106 रुपए की गिनती पूरी की गई। इससे पूर्व मंगलवार को भंडार खोलने के बाद चार करोड़ 3 लाख 85 हजार 500 की राशि निकली थी। मंदिर के भंडारे से कुल पांच करोड़ दो लाख 66 हजार 606 रुपए के दान की राशि प्राप्त हुई है। वहीं, भेंट कक्ष और आभूषण भी प्राप्त हुए है।

यह राशि गत वर्ष की तुलना में कई अधिक है। गत वर्ष पौष अमावस्या में तीन करोड़ 46 लाख 98 हजार की राशि प्राप्त हुई थी। इससे पूर्व बुधवार को भी सुबह साढ़े ग्यारह बजे राजभोग आरती के बाद राशि की गिनती शुरू हुई, जो शाम तक चली। गिनती के दौरान और गणना में अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) रतन कुमार स्वामी, श्री सांवलियाजी मंदिर मंडल अध्यक्ष कन्हैयादास वैष्णव, बोर्ड सदस्य भेरू लाल सोनी, भैरुलाल जाट, लेखा अधिकारी विकास कुमार सुरेला एवं नंदकिशोर टेलर सहित बड़ी संख्या में मंदिर के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

संजीवनी टुडे

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