
डंडे नहीं, संवाद से सुरक्षा: अलीराजपुर पुलिस ने “आपणा मानसेन-आपणी पुलिस” से जीता जनविश्वास
ALIRAJPUR: पुलिसिंग को भय नहीं, विश्वास का माध्यम बनाने और कानून को केवल दंड नहीं बल्कि समाज निर्माण का औजार सिद्ध करने की दिशा में अलीराजपुर पुलिस ने एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। जनसरोकार, सामाजिक चेतना और मानवीय पुलिसिंग की भावना को केंद्र में रखकर शुरू किया गया नवाचार अभियान “आपणा मानसेन आपणी पुलिस” अब जिले में नई सामाजिक चेतना की और अग्रसर है। इसी अभियान के अंतर्गत थाना नानपुर परिसर में आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि अलीराजपुर पुलिस केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षित समाज, सुरक्षित परिवार और संवेदनशील भविष्य की साझी भागीदार है। कार्यक्रम ने न केवल प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम की, बल्कि पुलिस के मानवीय और सामाजिक चेहरे को भी मजबूती से सामने रखा।
● जनविश्वास की मजबूत पहल: “आपणा मानसेन आपणी पुलिस”
जिले में पुलिस और आमजन के बीच आपसी विश्वास को और मजबूत करने के उद्देश्य से 31 जनवरी 2026 को थाना नानपुर में “आपणा मानसेन आपणी पुलिस” अभियान के अंतर्गत भव्य जन-जागरूकता कार्यक्रम “अभिमन्यु सृजन एवं सम्मान” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर रघुवंश सिंह रहे, जिनका स्थानीय गणमान्य नागरिकों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के पटेल, तड़वी, सरपंच, पुजारा, चौकीदार, ग्राम रक्षा समिति के सदस्य, ग्रामीणजन, महिला एवं बाल विकास कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

● “शिक्षित समाज और सुरक्षित परिवार” का स्पष्ट संदेश
अपने प्रभावशाली संबोधन में पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह ने कहा कि शिक्षा समाज की प्रगति का सबसे शक्तिशाली हथियार है। उन्होंने ग्रामीण अंचलों में आज भी मौजूद डाकन-डायन प्रथा जैसी अंधविश्वासपूर्ण कुरीतियों और नशे की बढ़ती लत को समाज के लिए गंभीर अभिशाप बताया। उन्होंने आह्वान किया कि इन बुराइयों के उन्मूलन के लिए पुलिस के साथ-साथ समाज के हर व्यक्ति को जागरूक होकर आगे आना होगा। तभी एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

● महिला सम्मान और पुलिस हेल्पडेस्क पर जोर
एसपी श्री सिंह ने महिला सशक्तिकरण को समाज के उत्थान की आधारशिला बताते हुए महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि आमजन की सुविधा और त्वरित सुनवाई के लिए अलीराजपुर जिले के सभी थानों में पुलिस हेल्पडेस्क की स्थापना की गई है, जहां आम नागरिक और महिलाएं निसंकोच अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती हैं और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
● “हमें चालान नहीं, हेलमेट चाहिए”- मानवीय पुलिस की मिसाल
सड़क सुरक्षा को लेकर अलीराजपुर पुलिस के नवाचार “हेलमेट बैंक” ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण खींचा। एसपी श्री सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस का उद्देश्य जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है। उन्होंने बताया कि जिले के थानों में जनसहयोग से हेलमेट बैंक स्थापित किए गए हैं, जहां कोई भी वाहन चालक आवश्यकता पड़ने पर थाने से हेलमेट ले सकता है और काम पूरा होने के बाद उसे वापस जमा कर सकता है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से आग्रह किया कि वे अपने माता-पिता और परिजनों को हेलमेट और सीटबेल्ट के उपयोग के लिए प्रेरित करें।
● नारी सम्मान से ही समाज की उन्नति
कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा टी.सी. पंवार ने कहा कि जिस समाज में नारी का सम्मान होता है, वही समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने महिलाओं से निर्भीक होकर पुलिस के सामने अपनी समस्याएं रखने की अपील की, ताकि महिला अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और वे स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।

● साइबर सुरक्षा पर सख्त और स्पष्ट चेतावनी
डिजिटल युग की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए थाना प्रभारी नानपुर निरीक्षक राजेश डावर एवं जिला साइबर शाखा की टीम ने साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि अनजान वीडियो कॉल, फर्जी फ्रेंड रिक्वेस्ट और डराकर पैसे मांगने जैसी घटनाओं से बचना जरूरी है। साथ ही निजी जानकारी और फोटो अनजान लोगों से साझा न करने की अपील की गई। किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल करने या महिला हेल्पडेस्क नंबर 7701042100 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।
● “पुलिस आपकी मित्र है” का भरोसा
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधिकारियों ने बच्चों और नागरिकों को भरोसा दिलाया कि अलीराजपुर पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। “पुलिस आपकी मित्र है” के संदेश के साथ यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी संकट में नागरिक बिना भय और संकोच के पुलिस से सहायता ले सकते हैं।






