Mahakal Darshan : अब मुफ्त में हर किसी को नहीं होंगे महाकाल दर्शन!

प्रोटोकॉल दर्शन में भी देना होंगे 250 रुपए, नई दर्शन व्यवस्था कल से लागू

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Mahakal Darshan : अब मुफ्त में हर किसी को नहीं होंगे महाकाल दर्शन!

उज्जैन से सुधीर नागर की रिपोर्ट 

Ujjain : राजाधिराज भगवान महाकाल के दर्शन अब मुफ्त में हर किसी को नहीं होंगे, प्रोटोकॉल व्यवस्था में भी 250 रुपए देना होंगे। इससे मंदिर के खजाने में और अधिक पैसा आने लगेगा। नई दर्शन व्यवस्था बुधवार 1 फरवरी से लागू हो जाएगी। इस व्यवस्था से मंदिर मालामाल होगा, क्योंकि महाकाल लोक बनने के बाद दर्शनार्थियों की संख्या अप्रत्याशित बढ़ गई है। प्रोटोकॉल के तहत कई दर्शनार्थी बिना भेंट राशि दिए दर्शन कर रहे थे।

अब तक प्रोटोकॉल दर्शन निःशुल्क हो रहे थे लेकिन यह सुविधा भी मंदिर प्रशासन ने बंद करने का फैसला मंगलवार को लिया है। अब केवल स्टेट और सेंटर के वे गेस्ट जिनकी सूची मंदिर प्रबंध समिति के पास गजट नोटिफिकेशन में है, उनको ही निःशुल्क दर्शन कराए जाएंगे। 27 जनवरी 2023 को हुई मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में 25 जनवरी, 2011 को प्रकाशित गजट नोटिफिकेशन का संदर्भ लिया गया, जिसमें अतिविशिष्ट अतिथियों की दर्शन व्यवस्था नि:शुल्क रखने का उल्लेख है।

इसके अतिरिक्त सत्कार व्यवस्था के अन्तर्गत सभी श्रद्धालुओं से गजट प्रावधान अनुसार, सामान्य श्रद्धालुओं की तरह शीघ्र दर्शन 250/- ( रु. दो सौ पचास प्रति व्यक्ति) प्रति सत्कारधारी भेंट राशि प्राप्त कर उनकी दर्शन व्यवस्था किए जाने का समिति द्वारा सर्वानुमति से अनुमोदन किया गया।

संत, महात्मा, पत्रकार निःशुल्क कर सकेंगे दर्शन 

मंदिर प्रबंध समिति की नई व्यवस्था के तहत संत महात्मा और अधिमान्य पत्रकार ही निःशुल्क दर्शन कर सकेंगे। पत्रकार स्वयं ही इस व्यवस्था के तहत प्रवेश कर सकेंगे। श्री महाकालेश्वर मन्दिर एक धार्मिक स्थल होने से साधु-संत, महंत, महामंडलेश्वर, शंकराचार्य जी, पीठाधीश्वर, धर्माचार्यों तथा उज्जैन प्रेस क्लब के सदस्यों व राज्य स्तर के अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार (केवल स्वयं हेतु) सत्कार व्यवस्था के अंतर्गत निःशुल्क शीघ्र-दर्शन व्यवस्था के अन्तर्गत प्रवेश प्राप्त कर सकेंगें।

हर माह सवा करोड़ की आय बढ़ेगी

इस व्यवस्था से मंदिर और मालामाल होगा, क्योंकि महाकाल लोक बनने के बाद दर्शनार्थियों की संख्या अप्रत्याशित बढ़ गई है। प्रोटोकॉल के तहत कई दर्शनार्थी बिना भेंट राशि दिए दर्शन कर रहे थे। मंदिर समिति को हर साल करोड़ों रुपए की आय होती है। प्रतिदिन डेढ़ हजार लोग प्रोटोकॉल से निःशुल्क दर्शन कर रहे थे। इस हिसाब से 4 लाख रुपए रोज की आय बढ़ेगी जो एक माह में एक करोड़ 20 लाख के आसपास होगी।