अब मध्य प्रदेश देखेगा मोहन राज में किसानों का समग्र कल्याण…

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अब मध्य प्रदेश देखेगा मोहन राज में किसानों का समग्र कल्याण…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

पिछले दो दशक से मध्य प्रदेश में किसानों के लिए जब भी कोई कार्यक्रम होता था तब मंच से एक ही नारा सुनाई देता था कि खेती को लाभ का धंधा बनाएंगे। हालांकि किसानों के लिए खेती लाभ का धंधा कभी नहीं बन पाई। 11 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किसान कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ किया और कृषक कल्याण वर्ष में किसानों का समग्र कल्याण करने का संकल्प भी लिया लेकिन यह अच्छी बात रही कि मंच से बार-बार खेती को लाभ का धंधा बनाने का सपना उन्होंने किसानों को नहीं दिखाया। शायद इससे किसान वास्तविकता में रहकर राज्य के मुखिया के प्रति अपना नजरिया साफ रख सकेंगे। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां किसान कल्याण के लिए सालभर गतिविधियां चलेंगी। 16 से अधिक विभाग समन्वय कर किसानों के लिए वैभव लाएंगे। डॉ. मोहन यादव की यह सोच कितना रंग लाती है? यह देखने वाली बात होगी। यह अच्छी बात है कि सोयाबीन के बाद अब सरसों में भी भावांतर योजना लागू होगी। कृषि उद्योगों में किसानों की भागीदारी बढ़ाने की बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने की है। तीन साल में 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पम्प लगाने की बात भी कही गई है। और भी बहुत कुछ कहा गया है। पर यह सारी योजनाएं धरातल पर उतरकर किसानों को कितना सन्तुष्ट कर पाती हैं, कृषक कल्याण वर्ष में किसानों की नजरें इस पर अवश्य रहेंगी।

कृषक कल्याण वर्ष के अवसर पर किसानों के लिए बहुत सारी घोषणाएँ हुई हैं। बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। सभी मंडियों का आधुनिकीकरण होगा।माइक्रो इरीकेशन का दायरा बढ़ाया जाएगा। फसल नुकसानी का आधुनिक तकनीक से सर्वे होगा। तीन बड़ी नदी परियोजनाओं से 25 जिलों की 16 लाख हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी।किसानों के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज की योजना जारी रहेगी। यह सुखद तस्वीर है कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जहां खेती का रकबा 2.50 लाख हैक्टेयर बढ़ा है। किसान कल्याण वर्ष में सरकार के 10 संकल्प, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देंगे। डिंडोरी में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली ऐप का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीदों और नए अवसरों का वर्ष होगा। किसान हमारे अन्नदाता हैं, जो अपने परिश्रम से देश और समाज का उदर-पोषण करते हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी समृद्धि सुनिश्चित करना ही सरकार का एकमात्र ध्येय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 11 जनवरी 2026 को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की अधिकृत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण और बाजार तक बेहतर पहुंच के माध्यम से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आजीविका का एक साधन ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मेलन के दौरान ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति सामधान प्रणाली (विकास पोर्टल) का शुभारंभ किया। किसान सम्मेलन में सरकार की विभिन्न योजनाओं, नवाचारों और भावी कार्ययोजना की जानकारी भी किसानों को दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। अभी 65 लाख हेक्टेयर है, इसे बढ़ाकर वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर तक लेकर जाएंगे। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि वे नई तकनीकों को अपनाएं, बदलते समय के साथ कदम मिलाकर चलें और खेती को आधुनिक बनाएं। डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी अन्नदाताओं को भरोसा दिलाया कि किसानों की सुख-समृद्धि में ही सरकार का सुख है। हर कदम पर, हर जरूरत के वक्त सरकार किसानों के साथ खड़ी है। अन्नदाता मध्यप्रदेश के माथे का तिलक हैं, जिसका तिलक खेत की मिट्टी है, वही मध्यप्रदेश का किसान है। उन्होंने कहा कि किसानों का पसीना प्रदेश की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 के भव्य एवं गरिमापूर्ण शुभारंभ अवसर पर किसानों की ऐतिहासिक 1101 ट्रेक्टरों की रैली का नेतृत्व किया।

तो सरकार ने सभी क्षेत्रों में किसानों की समृद्धि का रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सरकार का यह तीसरा वर्ष शुरू हो चुका है। और तीन वर्ष पूरा होने के बाद सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव नजर आने लगता है। मध्य प्रदेश मोहन राज में किसानों की समृद्धि का साक्षी बनने जा रहा है। तो यह उम्मीद करते हैं कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मध्य प्रदेश के किसानों की उम्मीदों पर खरा उतरकर यह साबित करेंगे कि जो कहा वह किया और जो किया उससे मध्य प्रदेश के किसानों की समृद्धि हुई है जो देश और मध्य प्रदेश के सामने है…।

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।