
अब सरकारी अफसरों-कर्मियों के लिए साधना सप्ताह,कार्य क्षमता और व्यवहार में होंगे दक्ष
भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार अपने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दो अप्रैल से नौ अप्रैल के बीच साधना सप्ताह का आयोजन करने जा रही है। इस दौरान इन शासकीय सेवकों को उनके पदों के अनुसार विभागीय घरेलु क्षमताओं और व्यवहारगत और कार्यात्मक क्षमताओं के अनुकूल पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाएगा।
साधना सप्ताह के दौरान हर शासकीय सेवक को दस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आवंटित किए जाएंगे। इनमें पांच प्रशिक्षण पाठयक्रम उनकी विभागीय घरेलु क्षमताओं के अनुकूल होंगे। साधना सप्ताह के क्रियावयन हेतु प्रत्येक विभागाध्यक्ष, संभाग, जिला, ब्लॉक स्तर पर दो से तीन अधिकारियों का साधना सप्ताह क्रियान्वयन समूह बनाया जाएगा। इस समूह के दायित्व इस प्रकार होंगे कि वे साधना सप्ताह के लिए कार्य योजना तैयार कराएंगे, प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को पूर्ण कराने, अभियान की समीक्षा करने, सभी पक्षों को क्रियाशील करने और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने जैसे कार्य करेंगे।
साधना सप्ताह क्रियान्वयन समूह सुनिश्चित करेंगे कि तीस मार्च 2026 तक जिला स्तर, विकासखंड स्तर एवं कार्यालय स्तर पर ई दक्ष केन्द्रों एवं अन्य तकनीकी केन्द्रो पर समस्त शासकीय सेवकों का विशेष रुप से तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को समूहों में आईगॉट कोर्स में इनरोल करके एक कोर्स पूर्णता हेतु लाईव डेमो करवाया जाएगा।
तीस मार्च तक दो चरणों में इस प्रकार के प्रशिक्षण होंगे जिसमें कम्प्यूटर पर मोबाइल पर आईगॉट कोर्स पूर्ण करने हेतु प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईगॉट पोर्टल की नवीन आईगॉट मोबाइल एप भी उपलब्ध है जिसे डाउनलोड कर प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुविधाजनक रुप से पूर्ण किया जा सकता है। साधना सप्ताह के दौरान प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को आई गॉट पोर्टल, एप के माध्यम से न्यूनतम पांच प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण करना जरुरी होगा।
इस पूरे साधना सप्ताह का उद्देश्य यह है कि हर शासकीय अधिकारी-कर्मचारी न केवल अपने कार्य में दक्ष हो उसकी कार्यक्षमता में वृद्धि हो। साथ ही उनके कार्य व्यवहार में सुधार हो। उसकी विभागीय घरेलु क्षमताओं में इजाफा हो। इससे न केवल सरकारी विभागों के कामकाज में तेजी आएगी बल्कि यहां अपने काम से आने वाले आम नागरिकों से उनका व्यवहार और बेहतर होगा जिससे आमजन पूर्ण संतुष्टि के साथ वापस जाएंगे और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ और अधिक बेहतर तरीके से मिल सकेगा। उनकी समस्याओं में कमी आएगी।





