विभागों में अधिकारों से हटकर की नियुक्ति तो दंडित होंगे अफसर,वित्त विभाग दिसंबर 2025 में लगा चुका है रोक

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विभागों में अधिकारों से हटकर की नियुक्ति तो दंडित होंगे अफसर,वित्त विभाग दिसंबर 2025 में लगा चुका है रोक

भोपाल; प्रदेश के सरकारी महकमों में अब अफसरों ने अपनी मनमर्जी से अधिकारों से बाहर जाकर किसी भी प्रकार की नियुक्ति के आदेश जारी किए तो उनके विरुद्ध सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियमों के अंतर्गत जुर्माने की कार्यवाही की जाएगी।

वित्त विभाग ने 22 दिसंबर 2025 को निर्देश जारी कर प्रदेश में नई नियुक्तियां, नियोजन के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों के तहत सरकारी विभागों मेें कार्यरत अस्थायी, स्थायी पद कें अंतर एवं कार्यभारित , आकस्मिता स्थापना तथा स्थायी कर्मी के सभी पदों को सांख्येत्तर घोषित करने के आदेश जारी किए गए थे। इस आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने अब सभी विभागों, विभागाध्यक्षों और कमिश्नर कलेक्टर को कहा है कि अस्थायी, स्थायी, कार्यभारित, आकस्मिता स्थापना तथा स्थायी कर्मी के जो पद सांख्येत्तर घोषित किए गए है उनके अलावा किसी भी अन्य श्रेणी में कर्मचारियों की तैनाती नहीं की जाए। यदि कोई इन श्रेणियों के अलावा भी किसी श्रेणी में कर्मचारियों की तैनाती करता है तो यह अधिकारों के विरुद्ध जाकर नियुक्ति करना माना जाएगा और ऐसे अफसरों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी इसमें भारी जुर्माने से लेकर आगे पदोन्नति से वंचित करने जैसी सजा दी जा सकेगी।