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प्रतिरोध के अलावा और कोई रास्ता नहीं
डॉ. अल्लाह नज़र बलूच ने कहा कि संसदीय दल भी बलूच नरसंहार और अत्याचारों में सहायक के रूप में काम कर रहे हैं। संसद भी बलूच राष्ट्र के लिए एक घातक बन गई है और उन राजनेताओं को जो लालच में आकर पाकिस्तानी व्यवस्था पर भरोसा करते रहे हैं और इसका हिस्सा बन रहे हैं। इसका फायदा उठाकर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर बलूच नरसंहार और कब्जे को जारी रखने को वाजिब ठहरा रहा है। इसलिए बलूच राष्ट्र के लिए प्रतिरोध के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। इसके लिए बलूच बच्चों को हर तरह के प्रतिरोध का हिस्सा बनना चाहिए। अन्यथा हम अपनी राष्ट्रीय पहचान को सुरक्षित नहीं रख पाएंगे। चीन की मदद से कोई दूसरा देश यहां बस जाएगा और हम अपनी ही जमीन पर ही अल्पसंख्यक हो जाएंगे।
जंगल जलाए जा रहे हैं
उन्होंने कहा कि यहां आए दिन शव मिल रहे हैं। कुछ इलाकों में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है। कई जगहों पर कुओं को जहर डाल दिया गया है, जिससे मौत और बीमारियां हुई हैं। इसी तरह, जानवरों और वन्यजीवों को भी नुकसान पहुंच रहा है। दश्त, मांड, मिश्केय, झाओ, बोलन समेत कई इलाकों में पाकिस्तानी सेना ने जंगलों को जलाकर राख कर दिया है। एक ऐसी दुनिया में जहां जलवायु परिवर्तन एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है और वृक्षारोपण और पुनर्वनीकरण की नीतियों का पालन किया जा रहा है, पाकिस्तान जैसा गैर जिम्मेदार देश जंगलों को जलाकर वैश्विक पर्यावरण को प्रदूषित करने की भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि मैं स्वतंत्रता सेनानियों से अपील करता हूं कि वे इस डिजिटल और सैटेलाइट युग में सुविधाओं का लाभ उठाकर दुश्मन के काले प्रचार को समाप्त करने के लिए बलूच राष्ट्रीय स्वतंत्रता की स्थिति को मजबूत करें। हम किसी भी पार्टी के हों, एक-दूसरे का सम्मान करें, क्योंकि हमारा लक्ष्य एक ही है। हमें ईमानदारी से एक-दूसरे का समर्थन करना है और एकजुट होकर पाकिस्तान को जवाब देना है। यजीदी लश्कर के अत्याचारों को पाकिस्तान भी पीछे छोड़ गया है। हमें उसे उसी की भाषा में जवाब देना होगा। हमें बलूच राष्ट्र पर भरोसा है और राष्ट्र की मदद से हम अपनी छीनी हुई आजादी वापस ले लेंगे।