Big Action of Collector:पंधाना SDM दीक्षा भगोरे को पद से हटाया,बिना वजह जाति प्रमाण के 1400 आवेदन किए रिजेक्ट!

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Big Action of Collector:पंधाना SDM दीक्षा भगोरे को पद से हटाया, बिना वजह जाति प्रमाण के 1400 आवेदन किए रिजेक्ट!

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने  डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को पंधाना एसडीएम पद से हटा दिया है। उन्हें कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। उन्हें हटाने की वजह-शिकायतों की लंबी फेहरिस्त है।कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने डिप्टी कलेक्टर श्री दिनेश सावले को पंधाना एस डी एम का प्रभार सौंपने के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार डिप्टी कलेक्टर सुश्री दीक्षा भगोरे को कलेक्ट्रेट की निर्वाचन शाखा सहित अन्य शाखाओं का प्रभार सौंपा गया है।

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने  डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को पंधाना एसडीएम पद से हटा दिया है। उन्हें कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। उन्हें हटाने की वजह-शिकायतों की लंबी फेहरिस्त है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि  भगोरे के एसडीएम कार्यकाल की जांच होना चाहिए। इसके लिए भोपाल जाकर मुख्य सचिव से मिलेंगे और जांच की मांग करेंगे।

उन्होंने कहा कि एसडीएम रहते हुए दीक्षा भगोरे ने सरकारी जमीनों पर कब्जे करवाए हैं। साथ ही आदिवासियों के साथ अन्याय किया है। जिन लोगों ने जाति प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किए थे, उन्हें बिना कारण बताए रिजेक्ट कर दिया गया। जिन्होंने इसके खिलाफ अपील की, उनके जाति प्रमाण पत्र बना दिए गए।

भगोरे की जगह सांवले को एसडीएम का चार्ज

पंधाना विधायक छाया मोरे की शिकायत पर डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे के खिलाफ कार्रवाई की गई। उनकी जगह पूर्व में पदस्थ रहे डिप्टी कलेक्टर दिनेश सांवले को पंधाना एसडीएम का चार्ज दिया गया है। भगोरे को हटाने  की मुख्य वजह प्रशासनिक कामकाज में कमजोरी बताई गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने नेशनल हाईवे से लगे बोरगांव बुजुर्ग में बेशकीमती सरकारी जमीनों पर कब्जे कराए हैं। यानी उनके रहते हुए जमीनों पर कब्जे हुए हैं, लोगों की शिकायतों के बाद भी एसडीएम ने एक्शन नहीं लिया।

जनप्रतिनिधियों को आरोप है कि बोरगांव बुजुर्ग और आसपास की सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले पूर्व विधायक के करीबी हैं। साथ ही वर्तमान विधायक की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए जितने भी जाति प्रमाण-पत्र के आवेदन एसडीएम के पास गए, उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। इन आवेदनों की संख्या करीब 1400 है।

इतना ही नहीं जाति प्रमाण-पत्र रिजेक्ट करने के पीछे एसडीएम ने कोई वजह भी स्पष्ट नहीं की। बिना कारण ही आवेदन खारिज कर दिए। जिन लोगों ने अपील की। उनके जाति प्रमाण-पत्र जारी कर दिए गए। कई आवेदकों से कहा गया कि विधायक की अनुशंसा लेकर आओ। तब जाकर प्रमाण-पत्र बनेगा।

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