मेमू ट्रेन की लेटलतीफी से परेशान हो रहें यात्री, समय परिवर्तन के बाद से बढी दिक्कतें!

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मेमू ट्रेन की लेटलतीफी से परेशान हो रहें यात्री, समय परिवर्तन के बाद से बढी दिक्कतें!

राजेश सोनी की रिपोर्ट 

Ratlam : उज्जैन से दाहोद तक यात्रा करने वाले यात्रियों की महत्वपूर्ण ट्रेन मेमू के कोचों की संख्या में कमी के साथ साथ समय में परिवर्तन करने की वजह से यात्रियों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा हैं।

 

बता दें कि दाहोद-रतलाम -उज्जैन चलने वाली यह मेमू ट्रेन आम यात्रियों के लिए इस रेल खण्ड की जीवनरेखा बनी हुई हैं। इस बहुपयोगी ट्रेन के साथ रेल्वे द्वारा लगातार प्रयोग कर आम यात्रियों की इस महत्वपूर्ण रेल सुविधा को दुविधा में डाल दिया हैं, इस ट्रेन में रेलवे द्वारा कोच कम करना और ट्रेन के समय में परिवर्तन कर देने से आमयात्रियों को परेशानी उठाने पर मजबूर किया हैं। ऐसे में समय परिवर्तन के बाद से इस बहुपयोगी ट्रेन से अपने गतंव्य तक सफर करने वाले यात्री परेशानियों से जूझ रहें हैं।

 

बता दें कि दाहोद, रतलाम, उज्जैन मेमू ट्रेन का दाहोद से रतलाम की और चलने का समय सांय 5 बजकर 40 मिनिट हैं, जो मेघनगर 6 बजकर 1 मिनिट, बामनिया 6 बजकर 54 मिनिट पर पंहुचने का समय हैं। रावटी से 7 बजकर 15 मिनिट एवं अगले स्टेशन बिलडी से इसका रतलाम की और प्रस्थान समय 7 बजकर 38 मिनिट हैं। इस लम्बे अंतराल में इस ट्रेन को बिलडी रेलवे स्टेशन पर अधिक समय तक खडा रखा जाता हैं। जिसके बाद 8 बजे यह ट्रेन रतलाम पंहुचती हैं। किन्तु इस ट्रेन के ठीक पीछे जम्मूतवी एक्सप्रेस चलती हैं जो इसे बामनिया से बिलड़ी तक क्रॉस करती हैं। दाहोद से रतलाम पहुंचने में यह ट्रेन अपने नियत समय पर नहीं चल पा रही हैं और लगभग 30 मिनिट से अधिक समय तक लेटलतीफी का शिकार होती रहती हैं।

 

जिससे रतलाम और उज्जैन तक यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। तीर्थ नगरी उज्जैन तक सफर करने वाले यात्रियों के लिए तो इस ट्रेन में सफर करना मुसीबत भरा ही होता जा रहा हैं। बीते कुछ दिनों में 1-2 दो बार तकनीकी कारणों की वजह से यह ट्रेन 1 से 2 घण्टे भी विलम्ब से चली हैं।

 

रेल्वे ने बार-बार इस ट्रेन के साथ प्रयोग करके इसे दुविधा की ट्रेन बना दिया हैं। अक्सर दोनों और से अपने निर्धारित समय से यह ट्रेन समय पर नहीं चल पा रही हैं। नतीजा यह होता हैं कि जिन यात्रियों को आगे की ट्रेन पकड़ना होती हैं वह छुट जाती हैं और यात्रियों को परेशानियों से जूझना पड़ता हैं।

 

वैकल्पिक साधनों का प्रयोग

इस ट्रेन के दोनों और से अक्सर देरी से चलने की वजह से अपने गतंव्य तक आवाजाही करने वाले आम लोगों को मजबूरन बस एवं निजी वाहनों आदि वैकल्पिक साधनों से यात्रा करना पड़ रहा हैं।

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प्रतिदिन इस ट्रेन से यात्रा करने वाले दैनिक यात्री संघ के विरेन्द्र बावेल, गौरव भण्डारी, अखिलेश यादव, अशोक सिंह सिकरवार आदि ने बताया कि आम रेल यात्रियों के लिए बहुपयोगी इस ट्रेन को लेकर यात्रियों को काफी परेशानी उठाना पड़ती हैं। इस ट्रेन के समय परिवर्तन के बाद से ही ट्रेन नियमित नहीं चल पा रही हैं, रतलाम और उज्जैन तक पहुंचने में अक्सर देरी का शिकार हो रही है। रेल प्रशासन को इस महत्वपूर्ण रेल सुविधा के समय संचालन में सुधार करना करना चाहिए।

*क्या कहते हैं अधिकारी* 

जहां तक समय परिवर्तन का मामला हैं, अन्य ट्रेनों को देखकर किया जाता हैं। यदि वर्तमान समय में ट्रेन देरी का शिकार हो रही हैं तो इस मामले को दिखवाता हुं ताकि समय संचालन नियमित हो सके।

रजनीश कुमार, मण्डल रेल प्रबन्धक,रतलाम रेल मण्डल!