मंदसौर बंधवार हत्‍याकांड : मुख्य आरोपी मनीष बैरागी गिरफ्तार

मंदसौर बंधवार हत्‍याकांड : मुख्य आरोपी मनीष बैरागी गिरफ्तार

मीडियावाला.इन।

मंदसौर। नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की गुरुवार शाम को हुई नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मनीष बैरागी को राजस्थान के प्रतापगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। प्रतापगढ़ पुलिस के मुताबिक आरोपी मनीष जिला अस्पताल के बाहर घूम रहा था। अब मंदसौर पुलिस उसे लेकर आएगी।इससे पहले आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार छापामारी चल रही थी। शुक्रवार को गरोठ क्षेत्र में भी बैरागी की खोजबीन के लिए लगभग पांच जगह छापामार कार्रवाई की गई है। इधर, सूत्रों की मानें तो मनीष एक सप्ताह से तीन-चार जगह अपने खास साथियों को कह चुका था कि जल्द ही बड़े आदमी को निपटाऊंगा।इसके लिए उसने कुछ दूसरे अपराधियों से भी संपर्क किया था पर सबने मना कर दिया था। हालांकि बैरागी ने किसी को यह नहीं बताया था कि वह बंधवार को मारना या मरवाना चाहता है। पुलिस का सबसे पहला मकसद ही अंतिम संस्कार शांति से कराना था। इसके चलते दिनभर जिले का पुलिस बल शहर में ही लगाए रखा।

इधर, सोशल मीडिया पर लगातार यह पॉइंट चलता रहा कि मनीष बैरागी ने पुलिस को सरेंडर कर दिया है पर पुलिस अधिकारी अभी मना कर रहे हैं। उज्जैन आईजी राकेश गुप्ता भी दिनभर कंट्रोल रूम पर ही रहे और शहर के लगे सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल रूम पर बंधवार की अंतिम यात्रा को देखते रहे।मनीष का प्रहलाद बंधवार से क्या व्यक्तिगत झगड़ा था, यह तो उसकी गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा। अभी फिलहाल पुलिस जो पांच लाख रुपए के लेन-देन की बात कर रही है, वह इधर-उधर से मिली जानकारी के अनुसार है।

इसके अलावा अंकुर अपार्टमेंट के पास स्थित शासकीय भूमि को अपने नाम कराने के लिए नपाध्यक्ष पर दबाव बनाने की भी बात कही जा रही है पर वह जमीन ही नपा की नहीं है। इसलिए हत्या की इन वजहों को कोई मानने को तैयार नहीं है। फिलहाल पुलिस अंधेरे में तीर चला रही हैं, क्योंकि अभी मनीष के पास रहने वाले तीनों मोबाइल भी बंद है और प्रहलाद बंधवार के करीबियों की तरफ से भी कोई एसा ठोस कारण सामने नहीं आ रहा है, जो हत्या की वजह बन सके।सूत्रों के अनुसार हत्या की वजह क्या है यह तो अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन मनीष बैरागी इस हत्या की सुपारी देने के लिए दो तीन जगह जाकर शूटरों से चर्चा कर चुका था। हालांकि उसने बंधवार का नाम किसी को नहीं बताया था। यह जरूर कहा था कि रुपए अच्छे मिलेंगे। इसके बाद भी सभी ने उसे मना कर दिया था। उन्होंने कुरेदकर पूछने की कोशिश भी की थी कि नाम तो बता पर मनीष ने नहीं बताया था। इसके बाद गुरुवार शाम को मनीष ने खुद ही हत्या कर दी।शुक्रवार सुबह प्रहलाद बंधवार के शव का पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों की पेनल ने किया। इनमें से एक चिकित्सक डॉ. विशाल गौड़ ने बताया कि प्रहलाद बंधवार के सिर में दो गोली निकली है और एक पेट मेंे से निकली है। जबकि पुलिस को मौके पर से दो ही गोली के खोल मिले हैं। अब यह तीसरी गोली का खाली खोका कहां गया है, यह भी जांच का विषय है। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि पुलिस मौके पर देर से पहुंची थी। इस दौरान घटनास्थल पर भी भारी भीड़ हो चुकी थी।जेल में दोस्ती हुई थी गरोठ क्षेत्र के अपराधियों से

मनीष बैरागी की तलाश में पुलिस ने शुक्रवार को गरोठ में चार-पांच जगह छापे भी मारे। पहले जब विभिन्न् मामलों में मनीष बैरागी को जेल हुई थी तब वह जेल में गरोठ क्षेत्र के अपराधियों के संपर्क में आया था। इसी शंका में पुलिस ने गरोठ क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की है। हालांकि पुलिस अभी तक यह नहीं बता रही है कि इस दबिश में क्या मिला है।

शहर कोतवाली में पांच प्रकरण दर्ज है मनीष बैरागी पर

मनीष बैरागी पर शहर कोतवाली थाने में पहले से पांच प्रकरण दर्ज है। इसमें हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखने, चोरी, एनडीपीएस एक्ट के मामले हैं। इसके अलावा रतलाम जिले के रिंगनोद थाने में भी आर्म्स एक्ट का एक प्रकरण दर्ज है।

बताया जा रहा रहा है कि मौके पर मिली बुलेट (सीआईयू 1834) को लेकर ही भागना चाहता था पर वह स्टार्ट नहीं हो पाई तो पैदल ही महू-नीमच राजमार्ग पार कर सुचित्रा टॉकीज कंपाउंड में होता हुआ भाग गया। बुलेट शामगढ़ के किसी सत्यनारायण के नाम बताई जा रही है। पुलिस ने मनीष के भाई को हिरासत में ले रखा है। दादा के 40 लाख रुपए निवेश करवाने वाले भूरा को भी पुलिस ने रात से ही बैठा रखा है। उसने स्वीकार भी किया है कि मुझे दादा को रुपए चुकाने हैं।

पिछले सप्ताह रतलाम में किसी से अकेले मिलने गए थे नपाध्यक्ष

नपाध्यक्ष के करीबी लोगों ने बताया कि वेसे तो दादा हमसे हर बात शेयर करते थे। पर पिछले सप्ताह वह रतलाम में अकेले गए थे और वहां किसी होटल में एक व्यक्ति के साथ मीटिंग भी की थी। नपाध्यक्ष रतलाम गए भी दूसरी गाड़ी से थे और अकेले ही थी। और वह बोल गए थे लेने आ जाना। लेेने गए व्यक्ति को नपाध्यक्ष उसी होटल के बाहर अकेले ही मिले थे।

लगभग 10 संदिग्धों को उठाया है

- पुलिस ने मनीष बैरागी के साथ रहने वाले व अन्य करीब 10 संदिग्धों को उठाया है। हत्या का मुख्य कारण तो मनीष बैरागी के गिरफ्त में आने के बाद ही पता चलेगा। अभी हमारी करीब 20 टीमें उसकी खोज में लगी है। - राकेश मोहन शुक्ला, सीएसपी।[नईदुनिया से साभार ]

 

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