भाजपा सरकार का एक साल : सेवा, समर्पण, सरलता, सहजता और सक्रियता मूल मंत्र रहा  सांसद  शंकर लालवानी का

भाजपा सरकार का एक साल : सेवा, समर्पण, सरलता, सहजता और सक्रियता मूल मंत्र रहा सांसद शंकर लालवानी का

मीडियावाला.इन।

2019 के लोकसभा चुनाव में इंदौर सीट पर बीजेपी के उम्‍मीदवार पर बहुत दिनों तक संशय की स्थिति रही थी और जब शंकर लालवानी के नाम की घोषणा हुई तो कई लोगों को आश्‍चर्य हुआ था। शंकर लालवानी सालों से विधानसभा चुनाव के लिए दावेदारी जताते आ रहे थे लेकिन जब उन्‍हें सीधे लोकसभा का टिकट दे दिया गया तो कई लोगों के लिए ये बड़े अचरज से कम नहीं था लेकिन पिछले एक साल में और खासकर कोरोना काल में इंदौर के लोगों को सक्रिय सांसद का मतलब समझ में आने लगा है।

 चाहे कोरोना को लेकर 10 मार्च के आसपास अधिकारियों के साथ पहली बैठक करने का मामला हो या फिर लॉकडाउन के कारण गोडाउन में फंसे माल को निकालने को, निजी स्‍कूलों द्वारा मनमानी की शिकायत हो या फिर शहर में किराना और सब्‍जियों की होम डिलेवरी का, देश अैर देश से बाहर के इंदौर में फंसे लोगों को ई पास की जरुरत हो या फिर अल्‍पसंख्‍यक समाज के साथ बातचीत करने की, शहर में कोरोना से जंग के लिए निजी हॉस्पिटल अध्रिहित करना हो या चीन से निकलना चाह रही कंपनियों को इंदौर बुलाने का मामला हो,  सांसद शंकर लालवानी कोरोना के इस काल में सबसे ज्‍यादा सक्रिय नजर आ रहे है।
        पिछले लोकसभा चुनाव में लालवानी ने ना सिर्फ जीत हासिल की बल्कि पूरे देश में सबसे ज्‍यादा वोट पाने का रिकॉर्ड भी बना डाला। लोकसभा चुनाव में बंपर जीत भले ही नरेंद्र मोदी के करिश्‍मे के कारण हो लेकिन पिछले एक साल में सांसद शंकर लालवानी बेहद सक्रिय है। मालवा उत्‍सव, हरतालिका तीज महोत्‍सव, गुड़ी पडवा पर नववर्ष का उत्‍सव और अन्‍य कई सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शंकर लालवानी बरसों से करते आ रहे हैं लेकिन पिछले एक साल में सांसद के तौर पर लालवानी ने सक्रियता शब्‍द को नया आयाम दिया है।
         सांसद बनने के तुरंत बाद अहिल्‍या चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम में किसी ने शंकर लालवानी के लिए मंच से कहा था कि 'शंकर भैया भले ही सांसद बन गए हो लेकिन हमारे लिए आप शंकर भैया ही रहोगे' और आज एक साल बाद भी वे शंकर भैया ही है। शंकर लालवानी का जितना बड़ा राजनीतिक कद है उससे कहीं  बड़ा उनका सामाजिक कद है। शहर के सुख-दुख में वे  आगे खड़े नजर आते हैं। पिछले एक साल में वे लगभग हर समाज के कार्यक्रम में पहुंचे है। समाजों के सामूहिक विवाह, अन्‍नकूट, परिचय सम्‍मेलन में लालवानी पहुंच जाते हैं। शहर में कहा जाता है कि शायद एक पार्षद से मिलना मुश्किल हो सकता है लेकिन सांसद से मिलना ज्‍यादा आसान है। कोरोना के समय में तो सांसद ने अपने 20 साल पुराने नंबर को हेल्‍पलाइन में बदल डाला है जहां उनके सहयोगी फोन उठाते हैं।
          सांसद के प्रयासों से इंदौर को ना सिर्फ नई ट्रेनों की सौगात मिली है बल्कि इंदौर से 20 से ज्‍यादा फ्लाइट भी शुरू हुई है। साथ ही इंदौर का देवी अहिल्‍या एयरपोर्ट अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन चुका है। दिल्‍ली में संसद भवन हो या फिर महाराष्‍ट्र का चुनाव, सांसद शंकर लालवानी हर जगह मौजूद नजर आते हैं। सीएए जैसे अहम बिल पर जहा लालवानी संसद में बोलते हैं वहीं महाराष्‍ट्र चुनाव में सिंधियों की बहुलता वाली सीट पर पार्टी अध्‍यक्ष के साथ चुनाव प्रचार भी करते नजर आते हैं। यानी संसद में सरकार का फ्लोर मैनेजमेंट हो या फिर चुनाव की बिसात, लालवानी हर कहीं फिट हो जाते हैं। लालवानी में विपरीत ध्रुवों के बीच भी तालमेल बैठा लेने और समन्‍वय स्‍थापित कर लेने का अद्भूत गुण है। इंदौर में भी वे पार्टी के सभी गुटों में नजर आते हैं और उनका कोई खास विरोध भी नहीं होता। लालवानी को आज की राजनीति का अजात शत्रु कहा जा सकता है, जिन्‍होंने दोस्‍त ज्‍यादा बनाए है।
        ]  सांसद लालवानी सिर्फ शहर में ही नहीं बल्कि गांवाें में भी समान रुप से लोकप्रिय है। हाल ही में सांसद नर्मदा और क्षिप्रा के संगम उज्‍जैनी वाले इलाके में पहुंचे और किसी ने कहा कि यहां पानी नहीं है। सांसद को कहने के 24 घंटों के अंदर ही वहां पानी पहुंच गया। सांसद आदर्श ग्राम योजना में गोद लिए गए गांव तिल्‍लौर खुर्द को  सांसद धुआंमुक्‍त ग्राम बनाने में लगे हैं।
           सांसद लालवानी संसद में भी बेहद सक्रिय है और अब तक इंदौर से जुड़े विभिन्न  मुद्दों पर 50 से ज्‍यादा सवाल पूछ चुके है और एक दर्जन से ज्‍यादा बार उन्‍हें बोलने का मौका मिला है। सांसद शंकर लालवानी पहली बार के सांसद होने के बावजूद शहरी विकास मंत्रालय की संसदीय समिति के सदस्‍य है। वे संस्‍कृति मंत्रालय की कंसल्‍टेटिव कमेटी के मेंबर है और लघु, सुक्ष्‍म एवं मझौले उद्योगों के नेशनल बोर्ड के मेंबर भी है। सांसद शंकर लालवानी संघ और बीजेपी के उन कार्यकताओं में से है जिन्‍हें वर्षों तक विभिन्न  दायित्‍वों के जरिए पार्टी ने तपाया है और फिर बड़ी जिम्‍मेदारियों के लिए यहां तक पहुंचाया है। सांसद से जब हमने एक वर्ष के विषय में बात की तो उन्‍होंने अपनी जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंदौर की जनता को समर्पित कर दी। कोरोना के विषय में उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्‍व में और मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री के मार्गदर्शन में इंदौर पूरी ताकत से कोरोना से लड़ रहा है और जल्‍द ही पॉजीटिव केस की संख्‍या में कमी आएगी।

   कोरोना के कठिन समय में सांसद शंकर लालवानी ही केंद्र सरकार, केंद्र की विभिन्न  एजेंसियों, राज्‍य सरकार और जिला प्रशासन के बीच समन्‍वय का काम कर रहे हैं। अब तक सांसद ने अपनी जिम्‍मेदारी को बहुत बढि़या ढंग से निभाया है और उम्‍मीद करते हैं कि इंदौर जल्‍द कोराेना के साथ सामान्‍य जीवन की तरफ लौटेगा।

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